भोड़वाल माजरी में आज से शुरू होगा संत निरंकारी समागम, देश-विदेश से पहुंच रहे लाखों श्रद्धालु


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
Updated Sat, 16 Nov 2019 12:30 PM IST

सद्गुरु माता सुदीक्षा
– फोटो : अमर उजाला

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तेरी रहमत हो मेरे सद्गुरु तो तेरे दर्शन भी आप हो जाएंगे का विश्वास ही है कि समागम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में दिव्यांग श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। समागम में पहुंचने वाले दिव्यांगों के लिए सेवा, सद्गुरु माता सुदीक्षा के दर्शन, लंगर, ठहरने को मंडल की ओर विशेष प्रबंधन किए गए हैं।

समागम में पहुंचने वाली संगत सहित एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी फ्री शटल सेवा चल रही है। मानवता की सेवा भाव से भोड़वाल माजरी स्थित आध्यात्मिक स्थल पर 72वां वार्षिक संत निरंकारी समागम शनिवार से शुरू हो रहा है। जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं की पहुंचने की उम्मीद है।

इसके साथ ही दिव्यांग श्रद्धालु भी समागम में पहुंचेंगे। जिनके लिए मंडल की ओर से दिव्यांग जन सेवा के नाम से विशेष व्यवस्था की गई है। चाहे वह लंगर एवं ठहरने की हो या फिर माता सुदीक्षा के दर्शन की हो। गत वर्ष के 71वें समागम में 560 दिव्यांग पहुंचे थे।

समागम में अन्य श्रद्धालुओं के साथ ही दिव्यांग भी आते हैं और उनकी इच्छा रहती है कि उन्हें महाराज के दर्शन हो जाएं। दिव्यांग को दर्शन में किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए करीब 22 वर्ष पहले निरंकारी समागमों में दिव्यांग पंडाल बनाकर उन्हें विशेष सुविधा देनी शुरू की गई थी। जो लगातार जारी है। इसमें संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन का भी सहयोग रहता है। दिव्यांग शिविर विभाग के मेंबर इंचार्ज एचएस चावला और कोऑर्डिनेटर सुरेंद्र पाल सिंह हैं।

एक मुख्य पंडाल के अतिरिक्त सभी ब्लॉक में पंडाल, दिव्यांगों के लिए 32 वाहन
समागम के चारों ब्लॉक ए, बी, सी और डी में दिव्यांगों के लिए पंडाल बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त एक मुख्य पंडाल भी बनाया गया है। सभी ब्लॉक से दिव्यांगों को मुख्य पांडाल में लाया जाता है। जहां से उन्हें सद्गुरू माता के दर्शन के लिए ले जाया जाता है। दिव्यांगों के लिए समागम स्थल के अंदर ही 32 वाहनों की व्यवस्था की गई है।

मुख्य पंडाल में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई हैं। इसके साथ ही वहीं उनके स्थान पर ही लंगर खिलाया जाता है और अगर वो चाहे तो अपने एक परिजन के साथ मुख्य पंडाल में भी विश्राम कर सकते हैं और उनके लिए बिस्तर की व्यवस्था भी मंडल की ओर से की गई है।

विशेष सुविधा
समागम में आने वाले दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अगल से सिटिंग प्लान है। दर्शन करवाने के लिए उन्हें व्हीलचेयर से मंच के बिल्कुल नजदीक लेकर जाया जाता है। वहां ले जाने के लिए अगल से वैन की व्यवस्था भी गई है। दिव्यांग चाहे तो सत्संग पंडाल में बैठकर प्रवचन सुन सकते हैं और उसके लिए दिव्यांग जन सेवा द्वारा पंडाल में भी एलईडी की व्यवस्था की गई है। ताकि वह सद्गुरू माता के दर्शन करने के साथ प्रवचन सुन सके।

 व्यवस्था संभालने में लगे सेवादार, फ्री शटल सेवा भी
समागम को लेकर हजारों सेवादार निस्वार्थ भाव से लगे हुए हैं। चाहे वह रेलवे स्टेशन पर हो या फिर जीटी रोड पर यातायात को सुचारू रूप से चलाने में। इस दौरान वो पुलिस प्रशासन की सेवा भी कर रहे हैं। वहीं समागम स्थल पर भी संगत को उनके गंतव्य पंडाल, कैंटीन, स्टॉल आदि के लिए भी मार्गदर्शन भी कर रहे हैं। समागम स्थल पर रेलवे स्टेशन सहित रोडवेज से आने वाले लोगों के लिए समागम ग्रांउड में फ्री शटल सेवा भी है।

तेरी रहमत हो मेरे सद्गुरु तो तेरे दर्शन भी आप हो जाएंगे का विश्वास ही है कि समागम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में दिव्यांग श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। समागम में पहुंचने वाले दिव्यांगों के लिए सेवा, सद्गुरु माता सुदीक्षा के दर्शन, लंगर, ठहरने को मंडल की ओर विशेष प्रबंधन किए गए हैं।

समागम में पहुंचने वाली संगत सहित एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी फ्री शटल सेवा चल रही है। मानवता की सेवा भाव से भोड़वाल माजरी स्थित आध्यात्मिक स्थल पर 72वां वार्षिक संत निरंकारी समागम शनिवार से शुरू हो रहा है। जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं की पहुंचने की उम्मीद है।

इसके साथ ही दिव्यांग श्रद्धालु भी समागम में पहुंचेंगे। जिनके लिए मंडल की ओर से दिव्यांग जन सेवा के नाम से विशेष व्यवस्था की गई है। चाहे वह लंगर एवं ठहरने की हो या फिर माता सुदीक्षा के दर्शन की हो। गत वर्ष के 71वें समागम में 560 दिव्यांग पहुंचे थे।


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22 वर्ष पहले हुई थी शुरुआत





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