लोंगेवाला में पीएम मोदी का चीन पर करारा वार, कहा- विस्‍तारवादी सोच एक मानसिक बीमारी



हाइलाइट्स:

  • लोंगेवाला में दिवाली मनाने पहुंचे हैं पीएम मोदी, सैनिकों के बीच भरी हुंकार
  • चीन पर इशारों में साधा निशाना, विस्‍तारवाद को बताया मानसिक बीमारी
  • जवानों से बोले पीएम, मेरी दीवाली तो आपके बीच आकर ही पूरी होती है
  • सतर्कता ही सुरक्षा की राह है, सजगता ही सुख-चैन का संबल: पीएम मोदी

नई दिल्‍ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल दिवाली के मौके पर राजस्‍थान के लोंगेवाला में सैनिकों के बीच हैं। उन्‍होंने भारतीय सेना के बहादुर जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘आप भले बर्फीली पहाड़ियों पर रहें या फिर रेगिस्तान में, मेरी दीवाली तो आपके बीच आकर ही पूरी होती है।’ पीएम ने सैनिकों से कहा, ‘आपके चेहरों की रौनक देखता हूं, आपके चेहरे की खुशियां देखता हूं, तो मुझे भी दोगुनी खुशी होती है।’ इशारों में चीन पर प्रहार करते हुए मोदी ने कहा कि ‘विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और अठ्ठारहवीं शताब्दी की सोच है।’

पीएम मोदी ने दुश्‍मनों को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत ‘प्रचंड जवाब’ देने में सक्षम है। उन्‍होंने कहा, “आज भारत की रणनीति साफ है, स्पष्ट है। आज का भारत समझने और समझाने की नीति पर विश्वास करता है लेकिन अगर हमें आज़माने की कोशिश होती है तो, जवाब भी उतना ही प्रचंड मिलता है।” उन्‍होंने जवानों से कहा, “सीमा पर रहकर आप जो त्याग करते हैं, तपस्या करते हैं, वो देश में एक विश्वास पैदा करता है। ये विश्वास होता है कि मिलकर बड़ी से बड़ी चुनौती का मुकाबला किया जा सकता है।”

विस्‍तारवादी ताकतों के बहाने चीन पर हमला
पीएम मोदी ने चीन का नाम तो नहीं लिया मगर उसकी विस्‍तारवादी सोच पर करारा प्रहार जरूर किया। उन्‍होंने कहा, “आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान हैं। विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और अठ्ठारहवीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है। इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है।” उन्‍होंने कहा, “आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है। भारत का ये रुतबा, ये कद आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के ही कारण है। आपने देश को सुरक्षित किया हुआ है इसीलिए आज भारत वैश्विक मंचों पर प्रखरता से अपनी बात रखता है।”

दिवाली पर अपनों को मेसेज के जरिए भेजिए शुभकामनाएं

‘मैं हर देशवासी की शुभकामनाएं लाया हूं’
पीएम ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा, “मैं आज आपके बीच प्रत्येक भारतवासी की शुभकामनाएं लेकर आया हूं, आपके लिए प्यार लेकर आया हूं, आशीष लेकर आया हूं। मैं आज उन वीर माताओं-बहनों और बच्चों को भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं, उनके त्याग को नमन करता हूं, जिनके अपने सरहद पर हैं।” उन्‍होंने कहा, “आपके शौर्य को नमन करते हुये आज भारत के 130 करोड़ देशवासी आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। आज हर भारतवासी को अपने सैनिकों की ताकत और शौर्य पर गर्व है। उन्हें आपकी अजेयता पर, आपकी अपराजेयता पर गर्व है।”

‘आक्रांताओं का मुकाबला करने वाले राष्‍ट्र की आगे बढ़े’
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “दुनिया का इतिहास हमें ये बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे हैं, वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी। भले ही अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग कितना ही आगे क्यों न आ गया हो, समीकरण कितने ही बदल क्यों न गए हों, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते कि सतर्कता ही सुरक्षा की राह है। सजगता ही सुख-चैन का संबल है। सामर्थ्य ही विजय का विश्वास है। सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है।”

डिफेंस में ‘वोकल फॉर लोकल’ की अपील
पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में लिए गए ताजा फैसलों के बारे में भी बताया। उन्‍होंने कहा, “हाल ही में हमारी सेनाओं ने निर्णय लिया है कि वो 100 से ज्यादा हथियारों और साजो-सामान को विदेश से नहीं मंगवाएगी। मैं सेनाओं को इस फैसले के लिए बधाई देता हूं। सेना के इस फैसले से देशवासियों को भी लोकल के लिए वोकल होने की प्रेरणा मिली है।” उन्‍होंने नौजवानों से मुखातिब होते हुए कहा, “मैं आज देश के नौजवानों से देश की सेनाओं के लिए निर्माण करने का आह्वान करता हूं। हाल के दिनों में अनेक स्टार्ट्स-अप्स सेनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए आगे आए हैं। डिफेंस सेक्टर में नौजवानों के नए स्टार्ट-अप्स देश को आत्मनिर्भरता के मामले में और तेजी से आगे ले जाएंगे।”

पीएम मोदी के दिवाली पर तीन आग्रह
प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों ने दिवाली पर तीन आग्रह भी किए। उन्‍होंने कहा, “आज के दिन मैं आपसे तीन आग्रह और करना चाहता हूं। पहला- कुछ न कुछ नया इनोवेट करने की आदत को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाइए। आजकल कई जगहों पर हमारे जवान महत्वपूर्ण इनोवेशंस कर रहे हैं। दूसरा- योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखिए। तीसरा- अपनी मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी के अलावा, कम से कम एक भाषा जरूर सीखिए। आप देखिएगा, ये बातें आपमें एक नई ऊर्जा का संचार करेंगी।”



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