AADHAAR: OTP के विकल्प अपनाकर आधार के दुरुपयोग को रोकें: दिल्ली हाई कोर्ट – prevent misuse of aadhaar by adopting otp options says delhi high court



Published By Abhishek Kumar | भाषा | Updated:

नई दिल्ली

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र को निर्देश दिया कि आधार संबंधी सूचना के दुरुपयोग को रोकने के लिए बायोमीट्रिक्स के प्रयोग के बजाए कोर्ट के सहयोगी की तरफ से बताए गए ओटीपी प्रमाणीकरण जैसे सुझावों पर ध्यान दें। मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की पीठ ने कहा, ‘आप (केंद्र) कोर्ट के सहयोगी के सुझावों पर ध्यान दें।’

कोर्ट ने आधार नंबर जारी करने वाले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को भी निर्देश दिया कि दुरुपयोग की स्थिति में इसे कानून के मुताबिक और हर मामले के तथ्यों के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए। इस निर्देश के साथ ही पीठ ने जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया। हाई कोर्ट ने एक आपराधिक मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की थी, जिसमें मोबाइल दुकान के एक मालिक ने अनभिज्ञ ग्राहकों के ब्यौरे का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी की गतिविधियों में इस्तेमाल के लिए नये सिम कार्ड जारी किए।

हाई कोर्ट ने जनहित याचिका का स्वत: संज्ञान लेते हुए गौर किया कि दुकान मालिक आधार पुष्टिकरण के दौरान ग्राहकों का मशीन पर दो बार अंगूठा यह कहकर लगवाता था कि पहली बार में उपयुक्त तरीके से अंगूठा नहीं लगा और दूसरी बार अंगूठा लगवाकर किसी तीसरे पक्ष को नया सिम कार्ड जारी करता था।

इसके बाद हाई कोर्ट ने मामले में सहयोग के लिए वरिष्ठ वकील दया कृष्णन और वकील ऋषभ अग्रवाल को कोर्ट का सहयोगी नियुक्त किया था। कोर्ट का सहयोग करने वाले वकीलों ने यूआईडीएआई को सुझाव दिया कि बायोमेट्रिक्स के बजाए ओटीपी प्रमाणीकरण पर विचार करें।



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