abhinandan wardhman: मिग-21 से गिराया था F-16 फाइटर जेट, पाक को एक साल बाद भी याद आ रहे अभिनंदन – abhinandan shot down f-16 fighter jet in a dog fight, one year after this clash pak still in shock



Published By Akansha Kumari | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

हाइलाइट्स

  • डॉग फाइट में एफ-16 को अपने मिग-21 बायसन से मार गिराने वाले अभिनंदन को पाकिस्तान अब भी याद कर रहा है
  • एक साल बाद भी उनकी जूठी कप पाक ने संभाल रखी है और बकायदा टीवी मीडिया में इसका बखान भी किया जा रहा है
  • अभिनंदन के लिए चाय बनाने वाले शख्स का पाक में लिया इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है

लाहौर

भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान एक साल बाद भी पूरी शिद्दत से याद कर रहा है। यही नहीं अब तक पाक ने उनकी ‘चाय का कप’ संभाल रखा है जिसमें उन्होंने चाय पी थी। जिस तरह के विडियो पाक मीडिया में चल रहे हैं उससे तो ऐसा ही लग रहा है।

पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने एक विडियो शेयर किया है, जिसमें टीवी एंकर हामिद मीर उस दिन अभिनंदन के लिए चाय बनाने वाले शख्स का इंटरव्यू करते दिख रहे हैं। नायला ने इस विडियो का मजाक उड़ाते हुए लिखा, ‘किसने बनाई अभिनंदन की चाय, पुलित्जर पुरस्कार जीतने लायक विडियो।’

विडियो में अनवर अली नाम का शख्स चाय का कप ट्रे में लिए खड़ा दिखता है और दावा कर रहा है कि उसी में अभिनंदन ने चाय पी थी। रिपोर्ट ने अभिनंदन को चाय पिलाने के अनुभव के बारे में पूछा तो अनवर ने बताया, ‘हमने उनके लिए चाय बनाकर पेश की थी। यह वही कप है। चाय अभिनंदन को पसंद आई और उन्होंने चाय की तारीफ की थी।’

आज 27 फरवरी है और एक साल पहले इसी दिन अभिनंदन ने मिग-21 से पाकिस्तान की तरफ से भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए भेजे गए F-16 विमान को मार गिराया था। पाक ने बालाकोट स्ट्राइक के अगले दिन अपने फाइटर जेट भारत में हमले के लिए भेजे थे। पाक जेट को खदेड़ने के दौरान अभिनंदन का विमान भी क्रैश हो गया था और इजेक्ट होते वक्त वह पीओके में जा गिरे थे। उन्हें पाक सैनिकों ने पकड़ लिया था। पूछताछ के दौरान पाक आर्मी ने उन्हें चाय पीने को दिया था और इसका विडियो शेयर कर दुनियाभर को दिखाने की कोशिश की गई थी कि वह अभिनंदन की कैसी खातिरदारी कर रहे हैं।

सच्चाई तो यह थी कि आईएसआई और पाक सैनिक उनके साथ माइंड गेम खेलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अभिनंदन दुश्मनों के बीच भी नहीं टूटे और भारतीय सेना की कोई भी खुफिया जानकारी उन्हें नहीं दी। अभिनंदन को 1 मार्च को अटारी-वाघा सीमा से भारत लौटाया गया था।

NBT



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