Accused Woman’s Husband Also Died Due To Drinking Poisonous Liquor – पंजाब: मौत की शराब बांटने वाली आरोपी महिला ने पति को पिलाई थी शराब, उसकी भी मौत



अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
Updated Sat, 01 Aug 2020 03:29 AM IST

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गांव मुछल में शराब के काले धंधे में गिरफ्तार बलविंदर कौर ने न केवल ग्रामीणों को जहरीली शराब बेची, बल्कि अपने पति को भी शराब पिलाई। जिससे उसकी भी मौत हो गई। आईजी बॉर्डर रेंज एसपीएस परमार के अनुसार गिरफ्तार महिला का पति भी इस शराब के पीने से मर गया है। सूत्रों के अनुसार गांव में इस महिला का इतना रसूख था कि कोई भी पुलिस अधिकारी व मुलाजिम उसके विरुद्ध कार्रवाई करने का साहस नहीं जुटा पाता था। गुरुवार को सरपंच ने भी इस मामले में पर्दा डालते हुए कहा था कि लोगों की मौत शराब पीने से नहीं हुई है। 

ग्रामीणों के अनुसार लगभग 30 घरों में अवैध शराब का धंधा चल रहा है। गांव के दिहाड़ीदार जब काम से लौटते हैं तो शराब पीने के लिए इन्हीं घरों में दस्तक देते हैं। मात्र दस से 25 रुपये तक एक से तीन ग्लासी शराब उपलब्ध करवाने वाले अवैध शराब के धंधे में शामिल इन परिवारों को पुलिस व राजनीतिक शरण प्राप्त है। यही कारण है कि इनके विरुद्ध कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 

ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार से गुहार लगाई है कि अवैध शराब के धंधे पर नकेल कसी जाए। एक बुजुर्ग महिला जागीर कौर ने कहा कि मैंने अपने बेटे को खोया है। वह शराब के नशे में डूबा रहता था। इन्हीं घरों में शराब पीने के लिए जाता था। अब सरकार गांव में निकलने वाली शराब पर रोक लगाए।

तरनतारन में पांच दिन पहले अवैध शराब पीने से हुई तीन मौतों पर यदि प्रशासन चेत जाता तो शायद जिले में 30 मौतों को रोका जा सकता था। इस काले धंधे में शामिल लोगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि गांव रटौल में एक बड़े पेड़ के नीचे लगने वाली चौपाल के नीचे मटका लगाकर अवैध शराब बेची गई। इस तरह खुलेआम शराब बेचने वालों के विरुद्ध न तो ग्राम पंचायत ने शिकायत दी और न ही सरपंच ने। मरने वालों में कई ऐसे थे जिनके परिवार में अब कमाने वाला कोई नहीं बचा। 

मौतों पर राजनीति शुरू 
जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद राजनीतिक पार्टियों ने अपना वोट बैंक तलाशना शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी के नेता हरपाल चीमा ने प्रभावित परिवारों के साथ मुलाकात की। गांव वासियों ने उन्हें अवैध ढंग से बेची जा रही शराब के बारे में विस्तृत जानकारी दी। चीमा ने कहा कि नशे को जड़ से खत्म करने के दावे के साथ सरकार बनाने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार हर फ्रंट में फेल हो चुकी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह मारे गए लोगों के परिजनों को 20 -20 लाख रुपये दे। शिअद (बादल) के नेता विरसा सिंह वल्टोहा ने भी इस मामले पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

सार

  • जहरीली शराब बेचने की आरोपी बलविंदर कौर ने अपने पति को भी पिलाई थी शराब 
  • पुलिस की शरण में चल रहा था जहरीली शराब का धंधा, गांव में 30 से अधिक परिवार शराब के अवैध धंधे में शामिल 

विस्तार

गांव मुछल में शराब के काले धंधे में गिरफ्तार बलविंदर कौर ने न केवल ग्रामीणों को जहरीली शराब बेची, बल्कि अपने पति को भी शराब पिलाई। जिससे उसकी भी मौत हो गई। आईजी बॉर्डर रेंज एसपीएस परमार के अनुसार गिरफ्तार महिला का पति भी इस शराब के पीने से मर गया है। सूत्रों के अनुसार गांव में इस महिला का इतना रसूख था कि कोई भी पुलिस अधिकारी व मुलाजिम उसके विरुद्ध कार्रवाई करने का साहस नहीं जुटा पाता था। गुरुवार को सरपंच ने भी इस मामले में पर्दा डालते हुए कहा था कि लोगों की मौत शराब पीने से नहीं हुई है। 

ग्रामीणों के अनुसार लगभग 30 घरों में अवैध शराब का धंधा चल रहा है। गांव के दिहाड़ीदार जब काम से लौटते हैं तो शराब पीने के लिए इन्हीं घरों में दस्तक देते हैं। मात्र दस से 25 रुपये तक एक से तीन ग्लासी शराब उपलब्ध करवाने वाले अवैध शराब के धंधे में शामिल इन परिवारों को पुलिस व राजनीतिक शरण प्राप्त है। यही कारण है कि इनके विरुद्ध कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 

ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार से गुहार लगाई है कि अवैध शराब के धंधे पर नकेल कसी जाए। एक बुजुर्ग महिला जागीर कौर ने कहा कि मैंने अपने बेटे को खोया है। वह शराब के नशे में डूबा रहता था। इन्हीं घरों में शराब पीने के लिए जाता था। अब सरकार गांव में निकलने वाली शराब पर रोक लगाए।


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तीन मौतों पर पुलिस जागती तो नहीं होती 30 मौतें



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