Big Blow To Patiala’s Punjabi University From Punjab Budget – Punjab Budget: मालवा की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी के हाथ खाली, मांगे थे 300 करोड़, मिले 15 करोड़



रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला ( पंजाब)
Updated Sat, 29 Feb 2020 12:25 AM IST

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मालवा क्षेत्र की सबसे बड़ी पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी के हाथ इस बार के पंजाब बजट में खाली रह गए। करीब दो महीने पहले ही पीयू प्रशासन ने सरकार को प्रपोजल भेजा था, जिसमें यूनिवर्सिटी को विशेष 300 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी करने की मांग की थी। इस प्रस्ताव में हवाला दिया गया था कि पीयू के वित्तीय हालात काफी खराब हैं। 

यूनिवर्सिटी पर तकरीबन 400 करोड़ रुपये की देनदारियां हैं, जिसमें 160 करोड़ का तो लोन है। कर्मचारियों के पेंशनरी बेनिफिट और उनकी डीए की किश्तों का करीब 150 करोड़ का बकाया भी पीयू के सिर है। सरकार ने स्पेशल ग्रांट के नाम पर यूनिवर्सिटी को ठेंगा दिखा दिया है।

पीयू को बजट में केवल 15 करोड़ रुपये दिए गए हैं जिससे यूनिवर्सिटी में गर्ल्स हास्टल का निर्माण किया जाना है। हालांकि पिछले दो साल से जो सालाना ग्रांट पीयू को मिलती आ रही है, वह मिलेगी। जो इस बार करीब 86 करोड़ रुपये बनती है। पीयू के अर्थशास्त्र विभाग के हेड डॉ. बलविंदर सिंह टिवाना ने कहा कि बजट को देखकर लगता है कि कैप्टन सरकार प्रदेश में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के प्रति गंभीर नहीं है। 

पीयू में 40 फीसदी से ज्यादा टीचिंग पद खाली
डॉ. टिवाना ने बताया कि यूनिवर्सिटी में इस समय 40 फीसदी से ज्यादा टीचिंग पद खाली हैं। अगर सरकार पर्याप्त आर्थिक मदद नहीं देगी तो पद कैसे भरे जा सकेंगे। इसका सीधा असर पढ़ाई पर पड़ेगा। पंजाब के स्टूडेंट्स तो पहले ही विदेश जा रहे हैं। ऐसे में यह गिनती और बढ़ेगी। 

मालवा क्षेत्र की सबसे बड़ी पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी के हाथ इस बार के पंजाब बजट में खाली रह गए। करीब दो महीने पहले ही पीयू प्रशासन ने सरकार को प्रपोजल भेजा था, जिसमें यूनिवर्सिटी को विशेष 300 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी करने की मांग की थी। इस प्रस्ताव में हवाला दिया गया था कि पीयू के वित्तीय हालात काफी खराब हैं। 

यूनिवर्सिटी पर तकरीबन 400 करोड़ रुपये की देनदारियां हैं, जिसमें 160 करोड़ का तो लोन है। कर्मचारियों के पेंशनरी बेनिफिट और उनकी डीए की किश्तों का करीब 150 करोड़ का बकाया भी पीयू के सिर है। सरकार ने स्पेशल ग्रांट के नाम पर यूनिवर्सिटी को ठेंगा दिखा दिया है।

पीयू को बजट में केवल 15 करोड़ रुपये दिए गए हैं जिससे यूनिवर्सिटी में गर्ल्स हास्टल का निर्माण किया जाना है। हालांकि पिछले दो साल से जो सालाना ग्रांट पीयू को मिलती आ रही है, वह मिलेगी। जो इस बार करीब 86 करोड़ रुपये बनती है। पीयू के अर्थशास्त्र विभाग के हेड डॉ. बलविंदर सिंह टिवाना ने कहा कि बजट को देखकर लगता है कि कैप्टन सरकार प्रदेश में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के प्रति गंभीर नहीं है। 

पीयू में 40 फीसदी से ज्यादा टीचिंग पद खाली
डॉ. टिवाना ने बताया कि यूनिवर्सिटी में इस समय 40 फीसदी से ज्यादा टीचिंग पद खाली हैं। अगर सरकार पर्याप्त आर्थिक मदद नहीं देगी तो पद कैसे भरे जा सकेंगे। इसका सीधा असर पढ़ाई पर पड़ेगा। पंजाब के स्टूडेंट्स तो पहले ही विदेश जा रहे हैं। ऐसे में यह गिनती और बढ़ेगी। 





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