bundelkhand package scam: एमपी में बड़ा घोटालाः स्कूटर पर ढोए ₹3,800 करोड़ के पत्थर! – mp bundelkhand package scam investigation geared up by eow


Published By Raghavendra Shukla | टाइम्स ऑफ इंडिया | Updated:

सांकेतिक तस्वीर

भोपाल

मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड पैकेज घोटाले की जांच के लिए राज्य आर्थिक अपराध शाखा ने कमर कस लिया है। 3800 करोड़ रुपये के इस मेगा घोटाले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। योजना से जुड़े दस्तावेजों पर यकीन करें तो 5 टन के पत्थर स्कूटर से ढोए गए थे। साथ ही इलाके में दो हफ्ते के अंदर 100 से ज्यादा बकरियों की मौत हो गई थी।

गौरतलब है कि साल 2009 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड क्षेत्र के 13 जिलों में विकास कार्यों के लिए 7 हजार 266 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इनमें 3 हजार 800 करोड़ रुपये केवल मध्य प्रदेश के लिए दिए गए थे। केंद्र सरकार ने इलाके की तस्वीर बदलने के लिए यह बजट पास किया था लेकिन यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। बताया गया कि मेगा करप्शन का यह मामला सामने ही नहीं आता अगर टीकमगढ़ के रहने वाले पवन ग्वारा ने इसे उठाया न होता।

घोटाले की जांच के लिए कमिटी गठित

पवन ने योजना में इस्तेमाल वाहनों की संख्या में अनियमितता देखने के बाद इसे उठाने का फैसला लिया, जिसके बाद तत्कालीन केंद्र सरकार ने घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। सूत्रों की माने तो पन्ना में वन विभाग ने मोटरसाइकल, स्कूटर, कार और जीप को कागज पर जेसीबी के रूप में दर्ज किया था। बताया गया कि यह अभी घोटाले से जुड़ा बहुत छोटा-सा खुलासा है। इसकी कई परतें अभी खुलनी बाकी हैं।

साल 2014 में हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए इस फंड में अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए थे। प्रशासनिक हलकों में अभी जांच जारी ही थी कि प्रदेश की बीजेपी सरकार चुनाव हार गई और शिवराज सिंह सीएम का पद खो बैठे। इसके बाद आई कांग्रेस सरकार ने बुंदेलखंड पैकेज घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी है।



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