Cait Says Loss Of Retail Business Worth Rs 9 Lakh Crore Due To Lockdown – लॉकडाउन के चलते खुदरा कारोबारियों को नौ लाख करोड़ रुपये का नुकसान: कैट



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कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि देश में कोरोना वायरस की रोकथाम के सिलसिले में लागू पाबंदियों के चलते पिछले 60 दिन में खुदरा कारोबारियों को नौ लाख करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है। 

कारोबार पर पाबंदी में ढील के बाद के पहले सप्ताह का विश्लेषण करते हुए संगठन ने रविवार को एक बयान में कहा कि घरेलू व्यापार इस समय अपने सबसे खराब समय का सामना कर रहा है क्योंकि पिछले सोमवार जब से लॉकडाउन में ढील देने के बाद से देश भर में दुकानों खुली हैं, उनमें केवल पांच फीसदी व्यापार ही हुआ है और केवल आठ फीसदी कर्मचारी ही दुकानों पर आए हैं। 

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बयान में कहा, ’60 दिनों के राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान घरेलू व्यापार में लगभग नौ लाख करोड़ रुपये का कारोबार नहीं हुआ। केंद्र एवं राज्य सरकारों को 1.5 लाख करोड़ के जीएसटी राजस्व का नुकसान हुआ है।’ कैट का कहना है कि देश भर के व्यापारियों को बड़े वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है और सरकार की ओर से कोई नीतिगत समर्थन के अभाव में व्यापारी अपने व्यवसाय के भविष्य को लेकर सबसे अधिक चिंतित हैं।’ 

खुदरा व्यापार में काम कर रहे लगभग 80 फीसदी कर्मचारी अपने मूल गांवों में चले गए जबकि लगभग 20 फीसदी कर्मचारी जो स्थानीय निवासी हैं, वो भी ऑफिस काम पर लौटने में ज्यादा इच्छुक नहीं है। कोरोना से डर के कारण लोग खरीदारी के लिए बाजारों में नहीं आ रहे है। 

बयान में कहा गया है कि देश का खुदरा व्यापार क्षेत्र लगभग सात करोड़ व्यापारियों द्वारा संचालित होता है जो 40 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है। इस क्षेत्र में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये का सालाना कारोबार होता है।

सार

  • 60 दिन के लॉकडाउन के दौरान घरेलू व्यापार में लगभग नौ लाख करोड़ रुपये का कारोबार नहीं हुआ 
  • केंद्र एवं राज्य सरकारों को 1.5 लाख करोड़ के जीएसटी राजस्व का नुकसान हुआ है 
  • ढील देने के बाद से देश भर में दुकानों खुली हैं, लेकिन केवल पांच फीसदी व्यापार हुआ है 

विस्तार

कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि देश में कोरोना वायरस की रोकथाम के सिलसिले में लागू पाबंदियों के चलते पिछले 60 दिन में खुदरा कारोबारियों को नौ लाख करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है। 

कारोबार पर पाबंदी में ढील के बाद के पहले सप्ताह का विश्लेषण करते हुए संगठन ने रविवार को एक बयान में कहा कि घरेलू व्यापार इस समय अपने सबसे खराब समय का सामना कर रहा है क्योंकि पिछले सोमवार जब से लॉकडाउन में ढील देने के बाद से देश भर में दुकानों खुली हैं, उनमें केवल पांच फीसदी व्यापार ही हुआ है और केवल आठ फीसदी कर्मचारी ही दुकानों पर आए हैं। 

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बयान में कहा, ’60 दिनों के राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान घरेलू व्यापार में लगभग नौ लाख करोड़ रुपये का कारोबार नहीं हुआ। केंद्र एवं राज्य सरकारों को 1.5 लाख करोड़ के जीएसटी राजस्व का नुकसान हुआ है।’ कैट का कहना है कि देश भर के व्यापारियों को बड़े वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है और सरकार की ओर से कोई नीतिगत समर्थन के अभाव में व्यापारी अपने व्यवसाय के भविष्य को लेकर सबसे अधिक चिंतित हैं।’ 

खुदरा व्यापार में काम कर रहे लगभग 80 फीसदी कर्मचारी अपने मूल गांवों में चले गए जबकि लगभग 20 फीसदी कर्मचारी जो स्थानीय निवासी हैं, वो भी ऑफिस काम पर लौटने में ज्यादा इच्छुक नहीं है। कोरोना से डर के कारण लोग खरीदारी के लिए बाजारों में नहीं आ रहे है। 

बयान में कहा गया है कि देश का खुदरा व्यापार क्षेत्र लगभग सात करोड़ व्यापारियों द्वारा संचालित होता है जो 40 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है। इस क्षेत्र में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये का सालाना कारोबार होता है।



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