Cheraman Mosque in kerala: भारत की सबसे पुरानी मस्जिद मूल स्वरूप में होगी तब्दील, खर्च होंगे 1.13 करोड़ रुपये – first mosque of indian subcontinent will be rebuilt in kerala


चेरामन जुमा मस्जिद

कोच्चि

अयोध्या में रामजन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बीच यह एक दिलचस्प खबर है कि भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे पुरानी मस्जिद को उसके मूल स्वरूप में तैयार किया जाएगा। यह भारतीय उपमहाद्वीप की पहली जबकि दुनिया की दूसरी सबसे पुरानी मस्जिद मानी जाती है। इस प्रॉजेक्ट पर कुल 1.13 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। मुजिरिस हेरिटेज प्रॉजेक्ट (एमएचपी) के जरिए चेरामन जुमा मस्जिद का जीर्णोद्धार किया जाएगा। केरल में त्रिशूर के कोडुंगल्लुर में इस ऐतिहासिक मस्जिद का निर्माण 629 ई़ में कराया गया था।

एमएचपी ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान रविवार को मस्जिद परिसर में इस परियोजना का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना पर्यटन विभाग की पहल है। राज्य के वित्त मंत्री डॉ टी एम थॉमस इसाक कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुजिरीस सभ्यता में चेरामन मस्जिद का खास स्थान है। इस सभ्यता को प्राचीन दौर में पूर्वी हिस्से का सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र होने का गौरव हासिल था। तब के लोग मसालों से लेकर कीमती रत्नों तक का कारोबार करते थे।

मस्जिद का जिस जगह पर निर्माण हो रहा है, उसे महोदयपुरम के नाम से भी जाना जाता है, जो 9वीं से 12वीं शताब्दी के दौरान चेरा वंश की राजधानी था। केरल में कहा जाता है कि राजा चेरामन पेरूमल 7वीं शताब्दी की शुरुआत में सऊदी अरब गए थे और पैगंबर मोहम्मद से मुलाकात की थी और इस्लाम स्वीकार कर लिया था। वहीं से उन्होंने फारसी स्कॉलर मलिक इब्न दिनार के जरिए पत्र भेजे थे। दिनार ने ही 629 ई. में यहां मस्जिद का निर्माण कराया था।



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