coronalockdown: कोरोना से निपटने को भारत में 49 दिनों का लॉकडाउन जरूरी: रिसर्च – 49 days lock down is compulsory to defeat coronavirus in india, says research



कोरोना का खौफ भारत समेत पूरी दुनिया में फैला हुआ है। कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में 31 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल कोरोना के खात्मे के लिए अभी तक कोई सटीक वैक्सीन भी विकसित नहीं हो पाई है जिसकी वजह से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लॉकडाउन के जरिए इस बीमारी के प्रसार को रोकने की कोशिश की जा रही है।

Ashish Kumar | भाषा | Updated:

पीएम मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया है
हाइलाइट्स

  • कोरोना वायरस की वजह भारत समेत पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है
  • रिसर्च के मुताबिक, कोरोना से निपटने को भारत में 49 दिन का लॉकडाउन जरूरी है
  • फिलहाल पीएम मोदी ने भारत में 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन घोषित किया है
  • कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में 31 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है

नई दिल्ली

कोरोना वायरस के कहर से इस समय भारत समेत पूरी दुनिया कराह रही है। इससे निपटने के लिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लॉकडाउन घोषित किया गया। भारत में भी पीएम नरेन्द्र मोदी ने 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया है। अब कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के भारतीय मूल के रिसर्चर्स एक नए गणितीय मॉडल के साथ आए हैं, जिसमें भारत में 49 दिनों के लिए पूरी तरह से देशव्यापी लॉकडाउन या दो महीनों में समय-समय पर छूट के साथ निरंतर लॉकडाउन की बात कही गई है। इसे भारत में कोरोना को दोबारा उभरने से रोकने के लिए जरूरी बताया गया है।

ज्यादा प्रभावी नहीं होगा 21 दिनों का लॉकडाउन

विश्वविद्यालय में व्यावहारिक गणित और सैद्धांतिक भौतिकी विभाग से राजेश सिंह की मदद से रणजय अधिकारी द्वारा लिखे गए रिसर्च पेपर में बताया गया कि भारत सरकार ने जो 21 दिनों का लॉकडाउन लगाया है, उसके प्रभावी होने की संभावना नहीं है और इसके अंत में कोरोना का फिर से उभार होगा। देश में कोविड-19 महामारी पर सोशल डिस्टेंसिंग के प्रभाव के आकलन का शायद यह पहला मॉडल है, जिसमें भारतीय आबादी की उम्र और सोशल कॉन्टैक्ट स्ट्रक्चर को शामिल किया गया है। रिसर्च पेपर का टाइटल है ‘एज स्ट्रक्चर्ड इम्पैक्ट ऑफ सोशल डिस्टेंसिंग ऑन द कोविड-19 एपिडेमिक इन इंडिया’।

पढ़ें- ‘लॉकडाउन से नहीं थमेगा कोरोना, चीन की टेक्निक भी लगानी होगी’

म्र आधारित एसआईआर मॉडल के जरिए किया गया शोध

इस अध्ययन में सोशल डिस्टेंसिंग उपायों- कार्यस्थल में गैर मौजूदगी, स्कूल बंद करने, लॉकडाउन और इसकी अवधि के साथ उनकी प्रभावाकारिता का आकलन किया गया है। रिसर्चर्स ने भारत में कोविड-19 महामारी के बढ़ने का अध्ययन करने के लिए सर्वे और बेजन इम्प्यूटेशन से प्राप्त सोशल कॉन्टैक्ट मैट्रिसेज के साथ एक आयु-संरचित एसआईआर मॉडल का प्रयोग किया।

यह भी पढ़ें- लॉकडाउन में दूध, अखबार, साबुन समेत इन सामानों को अनुमति

टीके के अभाव में वायरस को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे कारगर उपाय

लेखकों ने लिखा, ‘सोशल कॉन्टैक्ट की संरचनाएं गंभीर रूप से संक्रमण के प्रसार को निर्धारित करती हैं और टीकों के अभाव में, बड़े पैमाने पर सोशल डिस्टेंसिंग के उपायों के माध्यम से इन संरचनाओं का नियंत्रण वायरस के खात्मे का सबसे प्रभावी तरीका होता है।’ गौरतलब है कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी उपाय के तौर पर भारत में 24 मार्च की मध्यरात्रि से 21 दिनों के लिए लॉकडाउन लगाया गया है।

कोरोना लॉकडाउन से कुछ यूं थम गई जिंदगी..

  • कोरोना लॉकडाउन से कुछ यूं थम गई जिंदगी..

    भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार ने पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान किया। लॉकडाउन मंगलवार रात 12 से लागू हो गया और अगले 3 हफ्ते यानी 21 दिन चलेगा। देशभर में लॉकडाउन की ये तस्वीरें दिखा रही हैं कि रंग-बिरंगी रोशनियों में नहाए शहर, बाज़ार और गली-मोहल्ले में कैसे सन्नाटा पसरा है। लग रहा है मानो जिंदगी थम सी गई है लेकिन इस थमी जिंदगी को फिर वही रफ़्ताार मिलेगी और कोरोना वायरस के संक्रमण साइकल को तोड़ देश इस इमर्जेंसी से सुरक्षित बाहर निकल आएगा यही उम्मीद है। ये तस्वीरें दिलों की बैचेनी बढ़ाती जरूर हैं लेकिन यह भी इशारा करती हैं कि देश इस मुश्किल से निकलने के लिए तैयार है, देखें…

  • सतनाम सतनाम कह हो बंदया...

    सुबह से रात तक दरबार साहिब के दर्शनों के लिए लंबी लाइन लगाने वाले नहीं।

  • सो गई हैं सारी मंजिलें, सो गया रस्ता...

    रोशनी में नहाए शहर आज सुनसान हैं और सूने पड़े हैं रास्ते।

  • ये हरियाली और ये रास्ता...

    इन सूनी सड़कों को है फिर से चहल-पहल का इंतजार

  • मां शेरावालिए, तेरा शेर आ गया...

    नवरात्र में भक्तों को आशीर्वाद दे उनका मंगल करने वाली मां भक्तों के इंतजार में

  • घर आ जा परदेसी...

    हर दिन हज़ारों और लाखों की भीड़ को संभालने वाला नई दिल्ली स्टेशन है अपने पैंसंजर्स का इंतजार।

  • तेरी भूख का इलाज चिकन कूक्डूकू

    बस एक ‘हैपी मील’ के इंतजार में सूने पड़े रेस्तरां..

  • लौटेंगी रौनकें इन सूनी राहों पर फिर से

    थमी सी गई है जो जिंदगी, लौटेगी रंगत फिर से।

  • कभी थी रौनकें हमारे दरबार में भी...

    नोटबंदी के दौरान इन एटीएम के बाहर घंटों लाइन में खड़ी नज़र आती थी सैकड़ों की भीड़।

  • इबादत के लिए अभी करो इंतजार

    जामा मस्ज़िद के बाहर का सूना नज़ारा।

  • चलो चलें दूर कहीं...

    इंडिया गेट पर शाम को जहां पैर रखने की जगह नहीं होती।

  • सड़कों पर नहीं शोर करने वाली गाड़ियां

    दिन रात सड़कों पर सायं-सायं करके भागती गाड़ियों नहीं, हॉर्न की आवाज़ नहीं।

  • शामें मलंग सी...

    ऐसे नज़ारे देखने के लिए जब जुटती है भीड़ तो माहौल बनता है रंगीन।

  • हंसते-हंसते कट जाएं रस्ते, जिंदगी यूं ही चलती रही...

    आज बेशक सूने हैं ये रास्ते पर इन रास्तों पर लौट आएगी जिंदगी फिर से हंसती-खेलती।

  • आज मैं ऊपर.... आसमां नीचे...

    आसमान की ऊंची उड़ानों को है वक्त बदलने का इंतजार (यह अंतिम तस्वीर स्पेन की है जहां कोरोना अपना भयानक रूप ले चुका है)

Web Title 49 days lock down is compulsory to defeat coronavirus in india, says research(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)

रेकमेंडेड खबरें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *