Coronavirus Effect, Punjab Chief Minister Amarinder Singh Sought Financial Help From The Center – #ladengecoronase: अमरिंदर ने केंद्र से लगाई गुहार, राज्य के लिए जल्द जारी हो जीएसटी मुआवजा



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पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कोरोना वायरस के प्रकोप से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर शनिवार को केंद्र  से 2088 करोड़ रुपये के जीएसटी मुआवजे के बकाये के साथ-साथ वाणिज्यिक बैंकों द्वारा औद्योगिक और कृषि ऋणों की किस्तों को स्थगित करने की मांग की ताकि राज्य को कोरोना वायरस से उत्पन्न विषम परिस्थितियों से लड़ने में मदद मिल सके।

टेलीफोन पर बातचीत के बाद एक पत्र में, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से COVID-19 महामारी के प्रकोप से उत्पन्न संकट को कम करने के लिए कुछ आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

इसके अलावा उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के तहत भी बकाया राशि के भुगतान के लिए केंद्र से तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार उन्होंने गुरुवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को लिखे पत्र में पंजाब में मनरेगा श्रमिकों की बकाया मजदूरी का मुद्दा उठाया।

सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि 24 मार्च तक राज्य में लगभग 1.30 लाख श्रमिकों की 84 करोड़ रुपये की मजदूरी बकाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मौजूदा कोविड-19 आपातकाल में दिहाड़ी के बिना मनरेगा मजदूर रोजगार नहीं मिल पाने पर अपने परिवारों का गुजारा नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि लंबित राशि तुरंत जारी किया जाए, जिससे कि लाभार्थियों को बहुत आवश्यक राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि राशि मिलने से राज्य को कुछ हद तक वर्तमान स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कोरोना वायरस के प्रकोप से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर शनिवार को केंद्र  से 2088 करोड़ रुपये के जीएसटी मुआवजे के बकाये के साथ-साथ वाणिज्यिक बैंकों द्वारा औद्योगिक और कृषि ऋणों की किस्तों को स्थगित करने की मांग की ताकि राज्य को कोरोना वायरस से उत्पन्न विषम परिस्थितियों से लड़ने में मदद मिल सके।

टेलीफोन पर बातचीत के बाद एक पत्र में, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से COVID-19 महामारी के प्रकोप से उत्पन्न संकट को कम करने के लिए कुछ आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

इसके अलावा उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के तहत भी बकाया राशि के भुगतान के लिए केंद्र से तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार उन्होंने गुरुवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को लिखे पत्र में पंजाब में मनरेगा श्रमिकों की बकाया मजदूरी का मुद्दा उठाया।

सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि 24 मार्च तक राज्य में लगभग 1.30 लाख श्रमिकों की 84 करोड़ रुपये की मजदूरी बकाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मौजूदा कोविड-19 आपातकाल में दिहाड़ी के बिना मनरेगा मजदूर रोजगार नहीं मिल पाने पर अपने परिवारों का गुजारा नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि लंबित राशि तुरंत जारी किया जाए, जिससे कि लाभार्थियों को बहुत आवश्यक राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि राशि मिलने से राज्य को कुछ हद तक वर्तमान स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी।



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