coronavirus outbreak india news: कोरोना वायरस के खतरे का अंदेशा था, सरकार ने कहा- बाकी देशों से पहले हमने किए इंतजाम – govt responds to criticism regarding response to covid-19



फाइल फोटो।
हाइलाइट्स

  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का बयान, COVID-19 से निपटने की थी पूरी तैयारी
  • दुनिया के अन्‍य देशों के मुकाबले, भारत सरकार ने व्‍यापक स्‍तर पर किए थे प्रबंध
  • हवाई यात्रियों की स्‍क्रीनिंग, वीजा सस्‍पेंशन और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर बैन बाकी देशों से पहले
  • बाहर से आने वालों को ट्रैक करने के लिए बनाया गया खास सिस्‍टम

नई दिल्‍ली

सरकार ने कहा है कि COVID-19 से निपटने के लिए वह बाकी देशों के मुकाबले पहले से तैयार थी। शनिवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार प्रो-एक्टिव थी। सरकार के मुताबिक, उसने चरणबद्ध तरीके से COVID-19 की रोकथाम के कदम उठाए। I&B मिनिट्री ने कहा कि वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने कोरोना वायरस को 30 जनवरी को पब्लिक हेल्‍थ इमरजेंसी घोषित किया, भारत सरकार उसके पहले से ही सीमाओं पर रेस्‍पांस सिस्‍टम लागू कर चुकी थी। सरकार ने उन आलोचनाओं को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि 21 दिन का लॉकडाउन बिना किसी तैयारी के घोषित किया गया।

18 जनवरी से शुरू हुई थर्मल स्‍क्रीनिंग

सरकार की इस बात के लिए आलोचना हो रही है कि लॉकडाउन बिना किसी प्‍लानिंग के एनाउंस किया गया। इसके अलावा देशभर में प्रवासी मजदूर जहां-तहां बिना किसी मदद के फंसे हुए हैं। सरकार ने कहा क‍ि किसी और देश के मुकाबले भारत आने वाले हवाई यात्रियों की स्‍क्रीनिंग काफी पहले शुरू हो गई थी। इसके बाद वीजा सस्‍पेंड किए गए और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर बैन लगाया गया। बयान में कहा गया, “30 जनवरी को भारत में कोरोना वायरस का पहला मामला पता चलने से काफी पहले, 18 जनवरी से ही चीन और हांगकांग से आने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स की थर्मल स्‍क्रीनिंग शुरू हो चुकी थी।”

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इटली और स्‍पेन का दिया उदाहरण

सरकार ने इटली और स्‍पेन का उदाहरण दिया। इटली में पहला केस सामने आने के 25 दिन बाद ट्रेवलर्स की स्क्रीनिंग शुरू हुई जबकि स्‍पेन में 39 दिन बाद। सरकार ने उसकी ओर से उठाए गए कदमों का हवाला भी दिया। उन आरोपों को भी स‍िरे से खारिज कर दिया गया कि ‘रईस भारतीयों’ को बिना स्‍क्रीनिंग के वापस लौटने दिया गया। बयान में कहा गया, “सरकार ने शुरू से ही स्‍क्रीनिंग, क्‍वारंटाइन और सर्विलांस का एक विस्‍तृत सिस्‍टम बनाया। इसमें कारोबार या पर्यटन से लौटा हर यात्री, भारतीय, स्‍टूडेंट्स के साथ-साथ विदेशी भी शामिल किए गए।”

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लगातार राज्‍य सरकारों से रहा संपर्क

सरकार के मुताबिक, 30 एयरपोर्ट्स, 12 बड़े और 65 छोटे बंदरगाहों और बॉर्डर्स पर यात्रियों की स्‍क्रीनिंग की गई। सरकार ने कहा कि 36 लाख से ज्‍यादा पैसेंजर्स स्‍क्रीन किए गए। बयान के मुताबिक, सरकार ने राज्‍यों से लगातार सर्विलांस सिस्‍टम को मजबूत और बेहतर करने की गुजारिश की गई। सरकार ने कहा कि केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सचिव ने राज्‍य सरकारों के साथ 20 वीडियो कॉन्‍फ्रेंसेज कीं। हालात से निपटने की समीक्षा और तैयारियों को तेज करने के लिए कैबिनेट सचिव ने राज्‍यों के मुख्‍य सचिवों के साथ छह वीडियो कॉन्‍फ्रेंसेंज भी कीं। बयान में कहा गया, वीडियो कॉन्‍फ्रेंसेज में कई मुद्दों पर चर्चा हुई जिनमें से इंटरनेशनल ट्रेवलर्स की मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस सिस्‍टम भी शामिल है।

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भारत में कोरोना के 918 मामले

सरकार के मुताबिक, शनिवार शाम पौने छह बजे तक भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की 918 थी। वायरस की वजह से जान गंवाने वालों की संख्या 19 है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अबतक महाराष्ट्र में पांच, गुजरात में तीन, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में दो-दो और तमिलनाडु, बिहार, पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।



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