Covid-19 During Lockdown Noida Administration Said That Schools Can’t Force Parents For Fees – लॉकडाउन के दौरान स्कूलों के लिए निर्देश, फीस के लिए अभिभावकों से नहीं कर सकते जिद्द



एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 07 Apr 2020 09:32 AM IST

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कोरोना वायरस के चलते पूरे देश को लॉकडाउन का साना करना पड़ रहा है। ऐसे में हमारी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। परिस्थति को देखते हुए गौतम बौद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट सुहास एलवाई ने शनिवार को एक आदेश में कहा कि  नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कोई भी शैक्षणिक संस्थान किसी भी छात्र के अभिभावकों को ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने के लिए या फीस के लिए लॉकडाउन के दौरान बाध्य नहीं कर सकते हैं। अगर आदेश का उल्लंघन किया गया तो कानूनी कार्रवाई के तहत एक साल तक जेल या भारी जुर्माना आदि हो सकते हैं।

COVID-19 को उत्तर प्रदेश में पहले ही आपदा घोषित किया जा चुका है। राज्य और देश भर में 14 अप्रैल तक महामारी से लड़ने के लिए लॉकडाउन की घोषणा भी हो गई है।
ऐसी स्थिति में, गौतम बौद्ध नगर में सभी शैक्षणिक संस्थानों को निर्देशित किया जाता है कि वे लॉकडाउन के दौरान किसी भी छात्र के माता-पिता को फीस के लिए बाध्य न करें, न ही ऑनलाइन कक्षाओं के लिए छात्रों को रोकें।

आदेश का कोई भी उल्लंघन करता है तो उस पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक साल की जेल या जुर्माना या दोनों शामिल हैं। 

कोरोना वायरस के चलते पूरे देश को लॉकडाउन का साना करना पड़ रहा है। ऐसे में हमारी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। परिस्थति को देखते हुए गौतम बौद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट सुहास एलवाई ने शनिवार को एक आदेश में कहा कि  नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कोई भी शैक्षणिक संस्थान किसी भी छात्र के अभिभावकों को ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने के लिए या फीस के लिए लॉकडाउन के दौरान बाध्य नहीं कर सकते हैं। अगर आदेश का उल्लंघन किया गया तो कानूनी कार्रवाई के तहत एक साल तक जेल या भारी जुर्माना आदि हो सकते हैं।

COVID-19 को उत्तर प्रदेश में पहले ही आपदा घोषित किया जा चुका है। राज्य और देश भर में 14 अप्रैल तक महामारी से लड़ने के लिए लॉकडाउन की घोषणा भी हो गई है।
ऐसी स्थिति में, गौतम बौद्ध नगर में सभी शैक्षणिक संस्थानों को निर्देशित किया जाता है कि वे लॉकडाउन के दौरान किसी भी छात्र के माता-पिता को फीस के लिए बाध्य न करें, न ही ऑनलाइन कक्षाओं के लिए छात्रों को रोकें।

आदेश का कोई भी उल्लंघन करता है तो उस पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक साल की जेल या जुर्माना या दोनों शामिल हैं। 



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