Covid 19: Students Of Government School Studying From Whatsapp In Lockdown – लॉकडाउन के समय में ऐसे पढ़ रहे हैं सरकारी स्कूल के बच्चे, बनाए जा रहे हैं व्हॉट्एप ग्रुप



ख़बर सुनें

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते पूरे देश में 21 दिनों तक के लिए लॉकडाउन लागू है। इस लॉकडाउन की वजह से पूरे देश के शिक्षण संस्थान भी बंद हैं। लेकिन बच्चों की पढ़ाई का हर्जा न हो इसके लिए संस्थान बड़े-बड़े कदम उठा रहे हैं।  शिक्षा विभाग लगातार ऐसे नये प्रयासों में लगा है, जिससे पढ़ाई के नुकसान की भरपाई हो सके।

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक भी इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। इस कड़ी में शिक्षकों ने अब छात्रों को व्हाट्एप ग्रुप के माध्यम से पढ़ाने की मुहिम की शुरुआत की है।  

प्राथमिक विद्यालय रोजा जलापुर में सहायक अध्यापिका दीपशिखा शर्मा ने कहा कि वह छात्रों को अंग्रेजी सिखाने के लिए ऑनलइन प्रोग्राम चलाती हैं। साथ ही वे छात्रों को रेडियो में प्रसारित होने वाले मीना की दुनिया और निक्की जैसे कर्यक्रमों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित भी करती हैं। उन्होंने कहा, “लॉकडाउन की वजह से  मैंने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की और इन कक्षाओं के लिए छात्र बहुत उत्साहित हैं। छात्रों को पढ़ाई की यह नई तकनीक को काफी पसंद आ रही है।”

एटा जिले के शीतलपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय दरिगपुर ने लॉकडाउन में भी बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आठ सदस्यों का एक व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाया है। इसी प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर पढ़ाने वाले रूपम सक्सेना ने कहा, “हमारा उद्देश्य स्कूल से संबंधित शैक्षिक जानकारी और अभिभावकों के साथ छात्रों द्वारा की गई विभिन्न जानकारियों और वीडियो को साझा करना है।”

इसी के साथ राज्य बेसिक शिक्षा विभाग भी सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए आओं इग्लिश सीखें नामक एक रेडियो प्रोग्राम प्रसारित करने के योजना बनाई है। इस प्रोग्रम को यूनिसेफ और पुणे की लर्निंग रिसोर्सोज की एक टीम ने मिल कर तैयार किया है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के वंचित तबके के बच्चों को अंग्रेजी सीखाने में मदद करना है। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने कई स्कूलों को अंग्रेेजी माध्यम में बदल दिया है। 

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते पूरे देश में 21 दिनों तक के लिए लॉकडाउन लागू है। इस लॉकडाउन की वजह से पूरे देश के शिक्षण संस्थान भी बंद हैं। लेकिन बच्चों की पढ़ाई का हर्जा न हो इसके लिए संस्थान बड़े-बड़े कदम उठा रहे हैं।  शिक्षा विभाग लगातार ऐसे नये प्रयासों में लगा है, जिससे पढ़ाई के नुकसान की भरपाई हो सके।

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक भी इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। इस कड़ी में शिक्षकों ने अब छात्रों को व्हाट्एप ग्रुप के माध्यम से पढ़ाने की मुहिम की शुरुआत की है।  

प्राथमिक विद्यालय रोजा जलापुर में सहायक अध्यापिका दीपशिखा शर्मा ने कहा कि वह छात्रों को अंग्रेजी सिखाने के लिए ऑनलइन प्रोग्राम चलाती हैं। साथ ही वे छात्रों को रेडियो में प्रसारित होने वाले मीना की दुनिया और निक्की जैसे कर्यक्रमों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित भी करती हैं। उन्होंने कहा, “लॉकडाउन की वजह से  मैंने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की और इन कक्षाओं के लिए छात्र बहुत उत्साहित हैं। छात्रों को पढ़ाई की यह नई तकनीक को काफी पसंद आ रही है।”

एटा जिले के शीतलपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय दरिगपुर ने लॉकडाउन में भी बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आठ सदस्यों का एक व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाया है। इसी प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर पढ़ाने वाले रूपम सक्सेना ने कहा, “हमारा उद्देश्य स्कूल से संबंधित शैक्षिक जानकारी और अभिभावकों के साथ छात्रों द्वारा की गई विभिन्न जानकारियों और वीडियो को साझा करना है।”

इसी के साथ राज्य बेसिक शिक्षा विभाग भी सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए आओं इग्लिश सीखें नामक एक रेडियो प्रोग्राम प्रसारित करने के योजना बनाई है। इस प्रोग्रम को यूनिसेफ और पुणे की लर्निंग रिसोर्सोज की एक टीम ने मिल कर तैयार किया है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के वंचित तबके के बच्चों को अंग्रेजी सीखाने में मदद करना है। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने कई स्कूलों को अंग्रेेजी माध्यम में बदल दिया है। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *