Dalai Lama Statement In Casteism – दलाई लामा बोले- जात पात खत्म करो, मानव दिमागी और शारीरिक तौर पर एक तो मतभेद क्यों


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Sun, 10 Nov 2019 12:11 PM IST

दलाई लामा
– फोटो : अमर उजाला

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धर्म गुरु दलाई लामा ने कहा कि जिस तरह समाज में जागीरदारी प्रथा समाप्त हुई है। उसी तरह जातपात की सामाजिक बुराई भी समाज से खत्म होनी चाहिए। इसी बात का संदेश श्री गुरु नानक देव जी ने पांच शताब्दी पूर्व दिया था। श्री गुरु नानक देव जी की ओर से मक्का में किया गया अंतर-धर्म संवाद धार्मिक सद्भावना का प्रतीक है। एक नूर को व्यावहारिक रूप में अपनाना चाहिए।

मानव दिमागी, शारीरिक व भावनात्मक तौर पर एक है इसके बावजूद भी मतभेद क्यों है। इंसान सामाजिक प्राणी है। इसका भाईचारे के बिना रहना नामुमकिन है। क्यों न भाईचारक सांझ को मजबूत किया जाए। वे शनिवार को पंजाब सरकार की ओर से जीएनडीयू में आयोजित एक नूर अंतर-धर्म सम्मेलन में मौजूद शिक्षाविदों, विद्वानों व खोजार्थियों को संबोधित कर रहे थे।

वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि श्री गुरु नानक का संदेश पूरी दुनिया के साथ साझा करने की जरूरत है। गुरुनानक न होते तो आज का इतिहास अलग होता। दुनिया कई पक्षों से अधूरी होती। 20वीं सदी कई पक्षों से बिछुड़ने की सदी रही है। उम्मीद है कि 21वीं सदी भाईचारक सांझ के साथ जोड़ने वाली बनेगी।

रामाकृष्णा मिशन के प्रतिनिधि स्वामी साधिदानंद ने कहा कि आदमी को धन-पदार्थों की जरूरत है लेकिन  यह आत्मिक खुशी का सदन नहीं है। मौलाना सैय्यद अतहर ने श्री गुरु नानक देव जी की ओर से चलाई गई लंगर प्रथा को सामाजिक बुनियाद की नींव बताया। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने कहा धर्म रोशनी है। धर्म व्यक्ति को अच्छे किरदार में जीने की प्रेरणा देता है।





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