Dsp Devender, Suspended Dsp Devinder And Terrorists Punjab Connection Revealed – निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह का पंजाब कनेक्शन आया सामने, नेटवर्क खंगाल रहीं सुरक्षा एजेंसियां


निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह
– फोटो : फाइल फोटो

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निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह और दो आतंकियों का पंजाब कनेक्शन भी सामने आ गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अभी नेटवर्क खंगालने में जुटी हुई हैं। दविंदर सिंह और दो आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिल रहे हैं कि दोनों आतंकवादी जहां पंजाब में वारदात को अंजाम दे सकते थे, वहीं उनका संपर्क खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों से हो चुका था।

यही वजह थी कि ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप पंजाब में पहुंचाई गई थी, जिसके पीछे आतंकवादी संगठन जैश के अलावा खालिस्तानी आतंकवादियों का हाथ भी था। आईबी की सूचना पर जालंधर पुलिस ने अवंतीपोरा श्रीनगर के जादि गुलजार, पुलवामा के मोहम्मद इदरीश शाह और पुलवामा के नूरपोरा निवासी युसूफ रफीक को सीटी इंस्टीट्यूट से काबू किया गया था।

इनके पास से इटैलियन पिस्टल, 2 मैगजीन, एक एके 47 के अलावा लगभग एक किलो आरडीएक्स बरामद किया गया था। ये सभी जाकिर मूसा से जुड़े हुए थे। जालंधर के मकसूदां थाने में भी कश्मीरी आतंकियों ने ही हमला किया था।
तत्कालीन डीजीपी सुरेश अरोड़ा का कहना था कि अंसार गजवा तुल हिंद पंजाब में पैर पसार रहा है। 2018 में 3 नवंबर को फैजल बाशिर (23) को अवंतीपोरा और शाहिद कय्यूम (22) को काबू किया। 13 सितंबर को आतंकवादियों ने मकसूदां थाने की पूरी रेकी की और धमाकों की योजना तैयार की।

14 सितंबर की शाम को चारों मकसूदां थाने के समीप पहुंचे। सभी के पास एक-एक हैंड ग्रेनेड था। चारों मास्क लगाकर पैदल ही मकसूदां थाने तक पहुंचे। शाम 7.40 पर चारों ने हैंड ग्रेनेड थाने के भीतर फेंक दिए और दो टीम बनाकर वहां से अलग-अलग ऑटो में बैठकर बस स्टैंड चले गए।

बस स्टैंड से रफूफ और गाजी जम्मू कश्मीर बस में निकल गए। कश्मीरी स्टूडेंट्स को आधुनिक हथियार पंजाब में किसने पहुंचाए, यह सवाल अब भी खड़ा है। डीएसपी देविंदर सिंह के साथ जो दो आतंकी गिरफ्तार हुए हैं, वे उसी इलाके के हैं जिनका जालंधर वारदात में हाथ था।
तरनतारन में ड्रोन के जरिए पंजाब में हथियारों की खेप पहुंचाई गई, जिसकी जांच एनआईए ने शुरू कर दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि कश्मीरी और खालिस्तानी आतंकियों के बीच संबंधों का भी खुलासा हो सकता है। एनआईए पहले से ही तरनतारन केस और भारत-पाकिस्तान पर ड्रोन गतिविधियों की जांच कर रही है।

खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि खालिस्तानी आतंकियों को पाकिस्तान से एके 56, मैगजीन, पिस्तौल और आरडीएक्स सहित अवैध हथियारों की खेप मिल रही है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां काफी सख्ती है।
 
कश्मीरी आतंकियों के लिए पंजाब सीमा इस्तेमाल कर रही आईएसआई
पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चीफ रंजीत सिंह नीटा, सिख यूथ फेडरेशन के भाई लखबीर सिंह रोडे और बब्बर खालसा के चीफ वधावा सिंह पाकिस्तान में है और आईएसआई की गोद में खेल रहे हैं। ऐसा सामने आ रहा है कि आईएसआई कश्मीरी आतंकवादियों के लिए पंजाब सीमा का इस्तेमाल कर रही है।

निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह और दो आतंकियों का पंजाब कनेक्शन भी सामने आ गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अभी नेटवर्क खंगालने में जुटी हुई हैं। दविंदर सिंह और दो आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिल रहे हैं कि दोनों आतंकवादी जहां पंजाब में वारदात को अंजाम दे सकते थे, वहीं उनका संपर्क खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों से हो चुका था।

यही वजह थी कि ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप पंजाब में पहुंचाई गई थी, जिसके पीछे आतंकवादी संगठन जैश के अलावा खालिस्तानी आतंकवादियों का हाथ भी था। आईबी की सूचना पर जालंधर पुलिस ने अवंतीपोरा श्रीनगर के जादि गुलजार, पुलवामा के मोहम्मद इदरीश शाह और पुलवामा के नूरपोरा निवासी युसूफ रफीक को सीटी इंस्टीट्यूट से काबू किया गया था।

इनके पास से इटैलियन पिस्टल, 2 मैगजीन, एक एके 47 के अलावा लगभग एक किलो आरडीएक्स बरामद किया गया था। ये सभी जाकिर मूसा से जुड़े हुए थे। जालंधर के मकसूदां थाने में भी कश्मीरी आतंकियों ने ही हमला किया था।


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अंसार गजवा तुल हिंद पंजाब में पैर पसार रहा





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