Economy Of South Africa May Face Worst Contraction Of 90 Years Says Finance Minister Tito Mboweni – दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था में आ सकती है 90 साल की सबसे बड़ी गिरावट



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कोविड-19 संकट की वजह से दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था में इस साल 7.2 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है। दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्री टीटो म्बोवेनी ने विशेष बजट पेश करते हुए संसद को यह जानकारी दी। 

90 साल की सबसे बड़ी गिरावट
उन्होंने कहा कि, ‘यह करीब 90 साल की सबसे बड़ी गिरावट होगी। जिंसों के दाम बढ़े हैं, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से कुछ भरपाई हुई। लेकिन निर्यात पर निर्भर छोटी खुली अर्थव्यवस्था वैश्विक मांग में गिरावट और आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश से बुरी तरह प्रभावित हुई है।’ 

यह भी पढ़ें: खुशखबर: मुद्रा योजना के तहत इस श्रेणी को ब्याज में मिलेगी दो फीसदी की छूट

कर्ज का बोझ है सबसे बड़ी कमजोरी
आगे उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी कर्ज का बोझ है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘हमारे ऊपर कर्ज का बोझ काफी अधिक हो गया है। इस संकट से यह और बढ़ेगा। इस साल हम कर के रूप में जितने रैंड का भुगतान करेंगे, 21 फीसदी हमारे पुराने कर्जों का ब्याज होगा।’ 

ऐसी स्थिति में बढ़ सकती हैं ब्याज दरें 
उन्होंने कहा कि कर्ज के ऊंचे बोझ की वजह से ब्याज दरें ऊंची होंगी। यदि हम कर्ज कम करने में सफल रहते हैं, तो ब्याज दरें नीचे आएंगी। इससे निवेश और वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।

कोविड-19 संकट की वजह से दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था में इस साल 7.2 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है। दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्री टीटो म्बोवेनी ने विशेष बजट पेश करते हुए संसद को यह जानकारी दी। 

90 साल की सबसे बड़ी गिरावट

उन्होंने कहा कि, ‘यह करीब 90 साल की सबसे बड़ी गिरावट होगी। जिंसों के दाम बढ़े हैं, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से कुछ भरपाई हुई। लेकिन निर्यात पर निर्भर छोटी खुली अर्थव्यवस्था वैश्विक मांग में गिरावट और आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश से बुरी तरह प्रभावित हुई है।’ 

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कर्ज का बोझ है सबसे बड़ी कमजोरी
आगे उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी कर्ज का बोझ है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘हमारे ऊपर कर्ज का बोझ काफी अधिक हो गया है। इस संकट से यह और बढ़ेगा। इस साल हम कर के रूप में जितने रैंड का भुगतान करेंगे, 21 फीसदी हमारे पुराने कर्जों का ब्याज होगा।’ 

ऐसी स्थिति में बढ़ सकती हैं ब्याज दरें 
उन्होंने कहा कि कर्ज के ऊंचे बोझ की वजह से ब्याज दरें ऊंची होंगी। यदि हम कर्ज कम करने में सफल रहते हैं, तो ब्याज दरें नीचे आएंगी। इससे निवेश और वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।



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