Fastag Vehicles Cut Cash Due To No Internet Service Paid Double Tax – खामियों का ‘हर्जाना’ भर रहे वाहन स्वामी, टोल प्लाजा पर महंगा पड़ रहा फास्टैग


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राजमार्गों पर बने टोल टैक्स पर फास्टैग व्यवस्था लागू कर दी गई। मगर खामियों के चलते वाहन स्वामियों को यह व्यवस्था महंगी पड़ रही है। फास्टैग स्कैन न होने के कारण वाहन स्वामियों को रसीद लेनी पड़ती है। कुछ देर बाद उनका बैलेंस कट जाता है। ऐसे में टोल को पार करना वाहन स्वामियों को महंगा पड़ रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित टोल बूथों पर फास्टैग की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। इसके बाद जिन वाहनों पर फास्टैग लगा होगा वो टोल बूथ पर बिना रुके निकल जाएंगे। टूंडला टोल टैक्स पर व्यवस्थाओं में खामियां वाहन स्वामियों को झेलनी पड़ रही हैं।

उपभोक्ता फास्टैग वाली लाइन में चले जाते हैं। उस समय कुछ गाड़ियों में लगा फास्टैग काम नहीं करता है। ऐसे में टोल पर जमे कर्मचारी सहयोग करने के बजाय कैश वाली लाइन में लगने के लिए कह देते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को लंबी लाइन में फिर से लगना पड़ता है।

वाहन स्वामी कैश टोल टैक्स देकर निकल जाते हैं। इसके बाद एक से दो घंटे बाद फास्टैग से बैलेंस कटने का मैसेज वाहन स्वामियों के मोबाइल पर पहुंच जाता है। अधिकांश उपभोक्ता वापस नहीं आते हैं।
टूंडला टोल प्लाजा के मैनेजर जयंत का कहना है कि कई लोगों ने आनलाइन फास्टैग मंगवाए हैं, उनका सिस्टम सही से कार्य नहीं कर रहा है। कई बार इंटरनेट के कारण देरी से फास्टैग कार्य करता है। उपभोक्ताओं का रुपया कटता है, वो कस्टमर केयर पर बात कर वापस रुपये ले सकते हैं।

यूपी 83 के वाहनों पर महंगा किया टोल
यूपी 83 वाले वाहनों पर टोल टैक्स 35 रुपये लगता था। उपभोक्ताओं की मानें तो टोल टैक्स 55 रुपये एक तरफ से देने पड़ रहे हैं। ऐसे में वाहन स्वामी टोल टैक्स पर लिए जाने वाली धनराशि से नाखुश हैं। टूंडला टोल टैक्स मैनेजर जयंत ने बताया कि सरकार का नया सर्कुलर आया है। फास्टैग वाहन वालों को ही छूट दी जाएगी। या फिर 235 रुपये का मासिक कार्ड बन रहा है। जो 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाली गाड़ियों के लिए है।

राजमार्गों पर बने टोल टैक्स पर फास्टैग व्यवस्था लागू कर दी गई। मगर खामियों के चलते वाहन स्वामियों को यह व्यवस्था महंगी पड़ रही है। फास्टैग स्कैन न होने के कारण वाहन स्वामियों को रसीद लेनी पड़ती है। कुछ देर बाद उनका बैलेंस कट जाता है। ऐसे में टोल को पार करना वाहन स्वामियों को महंगा पड़ रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित टोल बूथों पर फास्टैग की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। इसके बाद जिन वाहनों पर फास्टैग लगा होगा वो टोल बूथ पर बिना रुके निकल जाएंगे। टूंडला टोल टैक्स पर व्यवस्थाओं में खामियां वाहन स्वामियों को झेलनी पड़ रही हैं।

उपभोक्ता फास्टैग वाली लाइन में चले जाते हैं। उस समय कुछ गाड़ियों में लगा फास्टैग काम नहीं करता है। ऐसे में टोल पर जमे कर्मचारी सहयोग करने के बजाय कैश वाली लाइन में लगने के लिए कह देते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को लंबी लाइन में फिर से लगना पड़ता है।

वाहन स्वामी कैश टोल टैक्स देकर निकल जाते हैं। इसके बाद एक से दो घंटे बाद फास्टैग से बैलेंस कटने का मैसेज वाहन स्वामियों के मोबाइल पर पहुंच जाता है। अधिकांश उपभोक्ता वापस नहीं आते हैं।





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