Fiber Board Exports From Five Countries Investigated, Thailand-malaysia On India Radar – पांच देशों से फाइबर बोर्ड निर्यात की जांच, भारत के रडार पर आया थाईलैंड-मलयेशिया


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 07 Nov 2019 06:54 AM IST

ख़बर सुनें

पांच देशों में भारत को फाइबर बोर्ड के निर्यात केंद्र सरकार के रडार पर आ गया है। दरअसल भारत सरकार ने इन देशों द्वारा फाइबर बोर्ड के निर्यात पर दी जा रही कथित सब्सिडी की जांच शुरू कर दी है। इन देशों में इंडोनेशिया, मलयेशिया, श्रीलंका, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं। एक अधिसूचना के मुताबिक, इस निर्यात सब्सिडी से घरेलू उद्योग पर खराब असर पड़ रहा है।

वाणिज्य मंत्रालय की जांच संस्था व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) इस बात का पता लगाएगा कि क्या इन पांच देशों की निर्यात सब्सिडी योजना से घरेलू फाइबर बोर्ड उद्योग पर क्या असर पड़ेगा। घरेलू उद्योग की ओर से ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज, सेंचुरी प्लाईबोर्ड इंडिया और रशिल डेकॉर ने डीजीटीआर से इस मामले में शिकायत की है।

डीजीटीआर ने अधिसूचना जारी कर बताया कि इन कंपनियों ने माल के आयात पर प्रतिसाद शुल्क लगाने के लिए एक सब्सिडी-रोधी जांच शुरू करने की मांग की है। इनके पास माल के उत्पादन और निर्यात पर ‘प्रतिसाद सब्सिडी’ दिए जाने के प्रमाण हैं। इन पांच देशों में कंपनियों द्वारा इस तरह के सब्सिडी वाले निर्यात से घरेलू उद्योग को भौतिक चोट पहुंच रही है और इससे आगे और संकट का खतरा है।

पांच देशों में भारत को फाइबर बोर्ड के निर्यात केंद्र सरकार के रडार पर आ गया है। दरअसल भारत सरकार ने इन देशों द्वारा फाइबर बोर्ड के निर्यात पर दी जा रही कथित सब्सिडी की जांच शुरू कर दी है। इन देशों में इंडोनेशिया, मलयेशिया, श्रीलंका, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं। एक अधिसूचना के मुताबिक, इस निर्यात सब्सिडी से घरेलू उद्योग पर खराब असर पड़ रहा है।

वाणिज्य मंत्रालय की जांच संस्था व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) इस बात का पता लगाएगा कि क्या इन पांच देशों की निर्यात सब्सिडी योजना से घरेलू फाइबर बोर्ड उद्योग पर क्या असर पड़ेगा। घरेलू उद्योग की ओर से ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज, सेंचुरी प्लाईबोर्ड इंडिया और रशिल डेकॉर ने डीजीटीआर से इस मामले में शिकायत की है।

डीजीटीआर ने अधिसूचना जारी कर बताया कि इन कंपनियों ने माल के आयात पर प्रतिसाद शुल्क लगाने के लिए एक सब्सिडी-रोधी जांच शुरू करने की मांग की है। इनके पास माल के उत्पादन और निर्यात पर ‘प्रतिसाद सब्सिडी’ दिए जाने के प्रमाण हैं। इन पांच देशों में कंपनियों द्वारा इस तरह के सब्सिडी वाले निर्यात से घरेलू उद्योग को भौतिक चोट पहुंच रही है और इससे आगे और संकट का खतरा है।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please select facebook feed.