Finance Minister Nirmala Sitharaman Says Signs Of Rapid Revival In Many Sectors Of Economy – सरकार के उपायों का नतीजा, कई क्षेत्रों में तेज गति से सुधार के संकेत: निर्मला सीतारमण



बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Fri, 16 Oct 2020 11:22 AM IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
– फोटो : PTI

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कई महत्वपूर्ण आंकड़ों (बिजली खपत, पीएमआई) से विभिन्न क्षेत्रों में तीव्र गति से सुधार (V शेप रिकवरी) के संकेत मिल रहे हैं। यह पुनरुद्धार सरकार के कोविड-19 महामारी से प्रभावित आर्थिक वृद्धि को पटरी पर लाने के लिए किए गए विभिन्न उपायों का नतीजा है। 

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय सीमिति (आईएफसी) की पूर्ण बैठक को वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि कई निम्न आय और विकासशील देश गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले करोड़ों लोगों की आजीविका को बचाए रखने और उसे सुनिश्चित करने की चुनौती से जूझ रहे हैं। वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार सीतारमण ने कहा कि इन देशों में जो पुनरुद्धार और पुनर्वास के प्रयास हो रहे हैं, उसे किसी भी तरीके से कमजोर नहीं होने देना चाहिए। 

उन्होंने भारत में तीव्र और मजबूत आर्थिक पुनरुद्धार को लेकर आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत किए गए उपायों की भी जानकारी दी। बयान के अनुसार, उन्होंने विनिर्माण, पीएमआई (परचेर्जिंग मैनेजर इंडेक्स) समेत कई उच्च आवृत्ति के आंकड़ों के आधार पर गिरावट के बाद तीव्र गति से पुनरुद्धार (V शेप) का जिक्र किया। विनिर्माण पीएमआई सितंबर 2020 में आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह विनिर्माण क्षेत्र में मजबूती के साथ सुधार आने की संभावना को बताता है। 

आईएमफ प्रमुख के सुझावों की सराहना

सीतारमण ने कहा कि उपभोक्ता व्यय में तेजी लाने के लिए 10 अरब डॉलर के उपायों की हाल में घोषणा की गई है। बयान के अनुसार मंत्री ने मौजूदा चुनौतियों से पार पाने के लिए आईएमफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और मुद्रा कोष के सुझावों की सराहना की। उन्होंने आईएमएफ की इस बात से स्वीकृति जताई कि नीतिगत समर्थन को समय से पहले वापस लिए जाने से नकदी की तंगी और ऋण शोधन की समस्या हो सकती है। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कई महत्वपूर्ण आंकड़ों (बिजली खपत, पीएमआई) से विभिन्न क्षेत्रों में तीव्र गति से सुधार (V शेप रिकवरी) के संकेत मिल रहे हैं। यह पुनरुद्धार सरकार के कोविड-19 महामारी से प्रभावित आर्थिक वृद्धि को पटरी पर लाने के लिए किए गए विभिन्न उपायों का नतीजा है। 

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय सीमिति (आईएफसी) की पूर्ण बैठक को वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि कई निम्न आय और विकासशील देश गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले करोड़ों लोगों की आजीविका को बचाए रखने और उसे सुनिश्चित करने की चुनौती से जूझ रहे हैं। वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार सीतारमण ने कहा कि इन देशों में जो पुनरुद्धार और पुनर्वास के प्रयास हो रहे हैं, उसे किसी भी तरीके से कमजोर नहीं होने देना चाहिए। 

उन्होंने भारत में तीव्र और मजबूत आर्थिक पुनरुद्धार को लेकर आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत किए गए उपायों की भी जानकारी दी। बयान के अनुसार, उन्होंने विनिर्माण, पीएमआई (परचेर्जिंग मैनेजर इंडेक्स) समेत कई उच्च आवृत्ति के आंकड़ों के आधार पर गिरावट के बाद तीव्र गति से पुनरुद्धार (V शेप) का जिक्र किया। विनिर्माण पीएमआई सितंबर 2020 में आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह विनिर्माण क्षेत्र में मजबूती के साथ सुधार आने की संभावना को बताता है। 

आईएमफ प्रमुख के सुझावों की सराहना
सीतारमण ने कहा कि उपभोक्ता व्यय में तेजी लाने के लिए 10 अरब डॉलर के उपायों की हाल में घोषणा की गई है। बयान के अनुसार मंत्री ने मौजूदा चुनौतियों से पार पाने के लिए आईएमफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और मुद्रा कोष के सुझावों की सराहना की। उन्होंने आईएमएफ की इस बात से स्वीकृति जताई कि नीतिगत समर्थन को समय से पहले वापस लिए जाने से नकदी की तंगी और ऋण शोधन की समस्या हो सकती है। 



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