INDvAUS: विराट सेना के लिए बदले की बारी



मुंबईभारतीय टीम की टक्कर अब पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से है और उससे भिड़ंत बराबरी की होने की पूरी उम्मीद की जा सकती है। पिछले कुछ महीनों के दौरान बांग्लादेश, वेस्ट इंडीज और श्रीलंका की टीमें भारत दौरे पर आईं। इनके खिलाफ मुकाबलों से पहले भारत की जीत तय मानी जा रही थी लेकिन अब मुकाबला बराबरी का होने जा रहा है।

पिछले साल भारत दौरे पर आई ऑस्ट्रेलियाई टीम ने वॉर्नर और स्मिथ जैसे बड़े नामों की गैरमौजूदगी के बावजूद जीत हासिल की थी। पांच मैचों की वनडे सीरीज 0-2 से पिछड़ने के बावजूद उसने 3-2 से जीत ली थी। यह के लिए झटका था जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम पहली बार घर में कोई वनडे सीरीज हारी थी और वह भी उस ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ जो औसत दर्जे की समझी जा रही थी।

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बदले की बारीपिछली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 24 वनडे मैचों में से केवल 4 मैच जीते थे। डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ पर बैन लगा हुआ था और मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे दिग्गज पेसर भी टीम में नहीं थे। यहां तक कि कप्तान भी रनों के लिए जूझ रहे थे। भारत ने हैदराबाद और नागपुर वनडे में जीत दर्ज कर सीरीज में 2-0 की लीड ले ली लेकिन घायल शेर की तरह ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जबरदस्त पलटवार किया और रांची, मोहाली और नई दिल्ली में खेले गए वनडे मैच जीत सीरीज अपनी झोली में डाली।

तब, रांची में उस्मान ख्वाजा की सेंचुरी ने तो मोहाली में पीटर हैंड्सकॉम्ब के 117 रन और एश्टन टर्नर के 43 बॉल में 84 रन ने जीत कंगारुओं की झोली में डाली। मोहाली में तो ऑस्ट्रेलियाई टीम तो 350 प्लस के टारगेट का पीछा करते हुए जीती थी। नई दिल्ली में भी ख्वाजा के सैकड़े ने ही मेहमान टीम को जीत दिलाई। 2015 के बाद भारत घरेलू धरती पर पहली बार द्विपक्षीय वनडे सीरीज हारा था और यह हार खिलाड़ी और फैंस पचा नहीं पाए थे। अब विराट सेना के लिए बदले की बारी है।

11 महीने बाद फिर भारत में ऑस्ट्रेलियाऑस्ट्रेलियाई टीम करीब 11 महीने बाद फिर से भारत में वनडे सीरीज खेलने आई है और वह भी पूरी ताकत के साथ। इस हाई वोल्टेज सीरीज में वैसे तो तीन ही मैच हैं लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि मुकाबला जोरदार होगा। लगभग बराबरी की टक्कर में जिस टीम के बोलर्स हावी होंगे उसी की तरफ मैच और सीरीज झुकेगी।

एक से बढ़कर एकपिच भले ही सपाट मिलने की संभावना है लेकिन फिर भी दोनों टीमों के बोलर्स में दमखम है कि वे अपनी धारदार बोलिंग से सीरीज की दिशा तय कर सकें। भारत के पास जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे बोलर हैं। शमी ने तो पिछले साल वर्ल्ड कप में हैटट्रिक भी बनाई थी। बुमराह चोट से उबरकर वापसी कर रहे हैं। टी20 मैचों में तो उन्हें दो मैचों को मिलाकर 8 ओवर डालने में परेशानी नहीं हुई लेकिन वनडे फॉर्मेट में 10 ओवर की उनकी फिटनेस देखनी होगी। यह तय है कि कप्तान उनसे छोटे-छोटे स्पैल डलवाएंगे।

ऑस्ट्रेलिया भी मजबूतउधर, ऑस्ट्रेलियाई टीम की पेस तिकड़ी में पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड हैं। कमिंस ने पिछले साल इंटरनैशनल मैचों में 99 विकेट झटके थे। स्टार्क लेफ्ट आर्म फास्ट बोलर हैं और पिछले कुछ महीनों में लेफ्ट आर्म फास्ट बोलर्स ने भारतीय बैटिंग ऑर्डर के टॉप-3 बल्लेबाजों को अंदर की तरफ स्विंग होती बॉल पर कई बार बोल्ड या एलबीडब्ल्यू आउट किया है। स्टार्क बॉल को तेजी से स्विंग कराने में सक्षम हैं जिस वजह से उनके और भारतीय बल्लेबाजों के बीच मुकाबला देखने लायक होगा।

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टॉप-3 पर निगाहेंइस बार बैटिंग ऑर्डर में टॉप-3 दोनों टीमों का मजबूत पहलू है। भारत के पास रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली हैं जबकि ऑस्ट्रेलिया के पास आरोन फिंच, डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ हैं। मिडिल ऑर्डर भारत और ऑस्ट्रेलिया के लिए थोड़ी समस्या साबित हो सकता है।

मिडिल ऑर्डर पर नजरभारत के पास श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे और ऋषभ पंत जैसे युवा खिलाड़ी हैं जबकि ऑस्ट्रेलिया के मिडिल ऑर्डर में टेस्ट सनसनी मार्नस लाबुशेन, पीटर हैंड्सकॉम्ब और एलेक्स कैरी हैं। पीटर और कैरी को भारत में खेलने का अनुभव है लेकिन मार्नस ने तो अब तक वनडे डेब्यू ही नहीं किया और न ही भारत में कभी कोई मैच खेला है। पिछले साल उन्होंने टेस्ट मैचों में 1000 प्लस रन बनाने के अलावा इस साल के पहले टेस्ट में न्यू जीलैंड के खिलाफ सिडनी में डबल सेंचुरी बनाई। ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि वह अपने टेस्ट फॉर्म को वनडे में भी दोहराएंगे। अय्यर ने वनडे और टी20 फार्मेट में पिछले कुछ समय में कई मैच विनिंग इनिंग्स खेली हैं जबकि पंत मिले मौकों का अधिकांश मैचों में फायदा नहीं उठा सके हैं।



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