Infosys Faces Class Action Lawsuit In Us For False Financial Statements – इंफोसिस के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा, अधिक मुनाफा दिखाने का आरोप


ख़बर सुनें

देश की दूसरी बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस की अमेरिका में मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। शेयरधारकों के अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाने वाली लॉस एंजिल्स की कंपनी शॉल लॉ फर्म ने वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप में इंफोसिस के खिलाफ क्लास एक्शन सूट दाखिल करने की घोषणा की है। क्लास एक्शन सूट में कई लोगों के समूह का प्रतिनिधित्व किया जाता है।

कंपनी ने राजस्व को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया

शिकायत के मुताबिक, इंफोसिस ने अल्प कालिक मुनाफा बढ़ाने के लिए बाजार में गलत और गुमराह करने वाले बयान जारी किए। साथ ही अनुचित रूप से राजस्व को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। लगभग एक महीने पहले एक व्हिसलब्लोअर ने इंफोसिस और उसके सीईओ सलिल पारेख के खिलाफ शिकायत करके ऐसे ही कई आरोप लगाए थे। हालांकि कंपनी ने सभी आरोप खारिज करते हुए कहा था कि उसे जांच में कोई सबूत नहीं मिले।

लॉ फर्म ने दिया बयान

अमेरिका में हुई शिकायत में कहा गया कि सीईओ पारेख ने खातों की जांच से बचने के लिए बड़े सौदों की मानक समीक्षा से परहेज किया। वास्तव में कंपनी के वित्त विभाग पर इन सौदों और लेखा परीक्षकों व कंपनी के बोर्ड के निदेशकों से संबंधित अन्य मुद्दों से जुड़ा विवरण छिपाने के लिए दबाव बनाया गया था। लॉ फर्म ने एक बयान में कहा, ‘इन तथ्यों के आधार पर कंपनी के सार्वजनिक बयान गलत थे और गुमराह करने वाले थे। जब तक बाजार को हकीकत के बारे में पता चलता निवेशकों को खासा नुकसान हो चुका था।’

2.63 फीसदी टूटा शेयर

इस खबर के बाद गुरुवार को बीएसई पर इंफोसिस का शेयर 2.63 फीसदी कमजोर होकर 701.85 पर बंद हुआ। शेयर में 695 से 720.80 रुपये के दायरे में कारोबार हुआ। शेयर में कमजोरी से कंपनी की बाजार पूंजी लगभग सात हजार करोड़ रुपये घटकर 2.99 लाख करोड़ रुपये रह गई।

देश की दूसरी बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस की अमेरिका में मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। शेयरधारकों के अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाने वाली लॉस एंजिल्स की कंपनी शॉल लॉ फर्म ने वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप में इंफोसिस के खिलाफ क्लास एक्शन सूट दाखिल करने की घोषणा की है। क्लास एक्शन सूट में कई लोगों के समूह का प्रतिनिधित्व किया जाता है।

कंपनी ने राजस्व को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया

शिकायत के मुताबिक, इंफोसिस ने अल्प कालिक मुनाफा बढ़ाने के लिए बाजार में गलत और गुमराह करने वाले बयान जारी किए। साथ ही अनुचित रूप से राजस्व को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। लगभग एक महीने पहले एक व्हिसलब्लोअर ने इंफोसिस और उसके सीईओ सलिल पारेख के खिलाफ शिकायत करके ऐसे ही कई आरोप लगाए थे। हालांकि कंपनी ने सभी आरोप खारिज करते हुए कहा था कि उसे जांच में कोई सबूत नहीं मिले।

लॉ फर्म ने दिया बयान

अमेरिका में हुई शिकायत में कहा गया कि सीईओ पारेख ने खातों की जांच से बचने के लिए बड़े सौदों की मानक समीक्षा से परहेज किया। वास्तव में कंपनी के वित्त विभाग पर इन सौदों और लेखा परीक्षकों व कंपनी के बोर्ड के निदेशकों से संबंधित अन्य मुद्दों से जुड़ा विवरण छिपाने के लिए दबाव बनाया गया था। लॉ फर्म ने एक बयान में कहा, ‘इन तथ्यों के आधार पर कंपनी के सार्वजनिक बयान गलत थे और गुमराह करने वाले थे। जब तक बाजार को हकीकत के बारे में पता चलता निवेशकों को खासा नुकसान हो चुका था।’

2.63 फीसदी टूटा शेयर

इस खबर के बाद गुरुवार को बीएसई पर इंफोसिस का शेयर 2.63 फीसदी कमजोर होकर 701.85 पर बंद हुआ। शेयर में 695 से 720.80 रुपये के दायरे में कारोबार हुआ। शेयर में कमजोरी से कंपनी की बाजार पूंजी लगभग सात हजार करोड़ रुपये घटकर 2.99 लाख करोड़ रुपये रह गई।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *