jharkhand vidhansabha chunav 2019: झारखंड चुनाव पर ओम माथुर बोले: महाराष्ट्र-हरियाणा का असर नहीं, हमारा मुद्दा विकास है – bjp leader om mathur on jharkhand vidhansabha chunav 2019


झारखंड चुनाव पर ओम माथुर बोले: महाराष्ट्र-हरियाणा का असर नहीं, हमारा मुद्दा विकास है

नई दिल्ली

पिछले महीने महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव के जो नतीजे आए, उसका असर झारखंड चुनाव पर पड़ना तय माना जा रहा है। हालांकि दोनों राज्यों से यही संदेश निकला कि विधानसभा के चुनाव में राष्ट्रीय मुद्दे बहुत प्रभावी साबित नहीं होते। इसी के चलते माना जा रहा है कि बीजेपी को झारखंड चुनाव में रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। झारखंड को लेकर बीजेपी में क्या चल रहा है, यह जानने के लिए एनबीटी नैशनल ब्यूरो की विशेष संवाददाता पूनम पाण्डे ने बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और झारखंड चुनाव प्रभारी ओम माथुर से बात की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश :

महाराष्ट्र-हरियाणा में उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं आए, क्या वजह रही? झारखंड के लिए क्या सबक मिला?

पार्टी के शीर्ष नेता विश्लेषण कर रहे हैं लेकिन इन सब चीजों का असर झारखंड में नहीं होगा। हर राज्य का राजनीतिक-सामाजिक परिदृश्य अलग होता है। एक चुनाव के नतीजे से दूसरे को नहीं जोड़ना चाहिए। इन्हीं दोनों राज्यों में चार महीने पहले लोकसभा में क्या स्थिति थी, वह देखें। साथ ही हमारे लिए तो यह एक अलार्म है ही कि वहां क्या कमी रही। तो जो भी कमी रही होगी, वह हम झारखंड में नहीं होने देंगे।

झारखंड में किन मुद्दों पर आप ज्यादा फोकस करेंगे?

हमारा काम ही हमारी रणनीति है। हम विकास का मुद्दा लेकर जनता के बीच में जा रहे हैं। 19 साल हुए झारखंड को बने, पर पांच साल स्थाई सरकार वहां पहली बार ही रही। जिस तरह से डबल इंजन की सरकार ने काम किया है, सारी योजनाएं गांवों तक पहुंची हैं। पांच सालों में संगठन भी मजबूत हुआ है। वहां करीब 29,400 बूथ हैं, सब पर हमारी समितियां बन चुकी हैं। बीजेपी चुनाव की तारीख का इंतजार करके तैयारी नहीं करती। एक चुनाव खत्म हुआ तो दूसरी चुनाव की तैयारी में लग जाती है। तो हम पिछले दो सालों से लगातार इस चुनाव की तैयारी में लगे हैं। केंद्र ने हमें 65 प्लस सीट लाने का टारगेट दिया है जिसे हम निश्चित तौर पर पूरा करेंगे।

पांच साल से सरकार है तो एंटी इनकंबेंसी भी होगी, उससे कैसे निपटेंगे?

जब लोगों को काम दिखता है तो वह साथ देते हैं। वहां विकास के काफी काम हुए हैं। सीएम की छवि भी अच्छी है। वे एक साधारण परिवार के व्यक्ति हैं।

झारखंड में मॉब लिचिंग की घटनाएं हुई, उसका कितना असर होगा?

एक घटना को इश्यू बना दिया गया। आजकल एक फैशन हो गया है इस देश में, मॉब लिचिंग नया नारा बन गया है। मैं मानता हूं कि इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। जिसने किया, वह पकड़ा गया। जांच हुई है। लेकिन मॉब लिचिंग से ज्यादा तो नक्सलवाद है। आज नक्सलवाद को जिस प्रकार कंट्रोल किया गया है उससे लोगों को भयमुक्त और विकासयुक्त झारखंड मिला है।

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झारखंड में ट्राइबल-नॉन ट्राइबल का बड़ा इश्यू रहता है, कैसे बैलेंस करेंगे?

इसी वजह से वहां इतने साल स्टेबल गवर्नमेंट नहीं रही। जान-बूझकर एक इश्यू खड़ा किया गया। हमारे सीएम रघुवर दास जिस तरह से ट्राइबल में काम कर रहे हैं तो ट्राइबल्स को भी भरोसा हुआ कि ये बनाया गया विषय है। अब ट्राइबल और नॉन ट्राइबल एक साथ मिलकर चल रहे हैं और एक साथ काम कर रहे हैं।

महाराष्ट्र-हरियाणा में बीजेपी के प्रचार में राष्ट्रीय मुद्दे हावी रहे थे, अब झारखंड में क्या होगा?

झारखंड में विकास मुख्य मुद्दा होगा। जितना विकास बीजेपी सरकार ने किया है वह जनता तक लेकर जाएंगे। लेकिन देश में अगर कोई और विषय आएगा तो वह भी चुनाव में मुद्दा बनता ही है। इसलिए आर्टिकल 370 का भी मुद्दा रहेगा, और मुद्दे भी रहेंगे। लेकिन चुनाव में हम विकास का मुद्दा लेकर ही जनता में जाएंगे।

सीट शेयरिंग कब तक तय होगी? आजसू का कहना है कि 20 सीटें चाहिए।

गठबंधन में कोई भी पार्टी अपने पार्टी फोरम में क्या बात कर रही है, वह अलग विषय है। जब टेबल पर बैठेंगे तो तय करेंगे।

विपक्ष का आरोप है कि इतने चरणों में चुनाव बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं?

विपक्ष के पास हमारे खिलाफ बोलने को कुछ नहीं है। चुनाव आयोग पर उंगली उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारा चुनाव आयोग शुरू से ही जितने अच्छे ढंग से काम कर रहा है, दुनिया के किसी और देश में शायद ही ऐसा हो रहा हो। विपक्ष जब-तब ईवीएम की बात भी करता है, लेकिन अभी महाराष्ट्र और हरियाणा में इसे नहीं उठा रहा। पिछली बार भी चुनाव पांच चरणों में ही हुए थे।

दूसरी पार्टियों के लोग भी बीजेपी में शामिल हुए हैं, तो टिकट बंटवारे में पुराने पार्टी कार्यकर्ता नाराज नहीं होंगे?

हम सब कार्यकर्ताओं से राय लेकर ही लोगों को बीजेपी में शामिल करते हैं। हम सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास की बात करते हैं तो जो लोग हमारे नेतृत्व को स्वीकार करते हैं, मोदी जी के विकास को स्वीकार करते हैं, उनका हम स्वागत करते हैं।



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