kamal hasan open letter: कमल हासन ने लॉकडाउन को बताया नोटबंदी से बड़ी असफलता, पीएम मोदी को लिखा खुला खत – kamal hasan wrote open letter to pm narendra modi criticising lockdown due to coronavirus covid19



Alok Bhadouria | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

कमल हासन (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स

  • कमल हासन ने कोरोना वायरस की महामारी से बचने के लिए उठाए गए मोदी सरकार के कदमों की आलोचना की है
  • उन्‍होंने इसके लिए ट्विटर पर पीएम मोदी के नाम एक खुला खत लिखा है, इसी खत में उन्‍होंने लॉकडाउन को घातक बताया है
  • कमल हासन का कहना है कि यह नोटबंदी से कहीं ज्‍यादा खतरनाक है और इसका असर भी कहीं ज्‍यादा व्‍यापक होगा

चेन्‍नै

अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने कोरोना महामारी से निपटने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तरीके से नाखुशी जताते हुए एक लंबी चिट्ठी लिखी है। अपने ट्विटर हैंडल से पोस्‍ट इस खुले खत में कमल हासन ने पीएम मोदी के 21 दिन के लॉकडाउन के ऐलान की तुलना नोटबंदी से करते हुए उससे भी ज्‍यादा घातक बताया है।

अपने खत के शुरू में कमल हासन ने लिखा है, ‘मैंने आपको पहला खत 23 मार्च को लिखा था। इसमें सरकार से अनुरोध किया था कि समाज के कमजोर तबके की अनदेखी न की जाए। अगले ही दिन देश भर में एक सख्‍त लॉकडाउन तुरंत लागू कर दिया गया, लगभग नोटबंदी की स्‍टाइल में। मैं चौंक गया लेकिन आप मेरे चुने हुए नेता हैं इसलिए आप पर भरोसा किया। नोटबंदी के समय भी किया था लेकिन समय ने साबित कर दिया कि मैं गलत था, और आप भी।’

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‘लॉकडाउन नोटबंदी से बड़ी गलती है’

क‍मल हासन ने इस बात पर जोर दिया कि पीएम मोदी जैसा दुनिया में कोई और ऐसा नेता नहीं है जिसे इतना विशाल जनसमर्थन प्राप्‍त हो। यहां तक कि विरोधी भी इस समय तालियां बजा रहे हैं। कमल ने आगे लिखा, ‘लेकिन मुझे डर है कि वही नोटबंदी वाली गलती दोहराई जा रही है और ज्‍यादा बड़े पैमाने पर।’

दिया जलाने पर दिलाई गरीबों की याद

राजनीतिक पार्टी मक्‍क्‍ल निधि मयैम के संस्‍थापक कमल हासन का कहना है, ‘आप संपन्‍न लोगों से कहते हैं कि अपनी बालकनी में खड़े होकर तेल के दिए जलाएं। वहीं गरीब आदमी के सिर पर छत नहीं है, उसके पास इतना तेल नहीं है कि वह अगले वक्‍त की रोटी सेंक सके। आपने अपने राष्‍ट्र के नाम दो संबोधनों में लोगों को शांत करने की कोशिश की जो ऐसे समय में जरूरी भी है। लेकिन यह मनोवैज्ञानिक तरीके अमीर देशों में ही कारगर हो सकते हैं।’


चुनावी शैली के कैंपेन पर ऐतराज

पीएम मोदी पर अपने अगले आरोप में कमल हासन ने लिखा है, ‘जब भी हालत बेहतर होते हैं आप चुनावी अंदाज में कोई कैंपेन शुरू कर देते हैं। मैं पेरियार और गांधी का अनुयायी हूं और जानता हूं कि वे बुद्धिजीवी थे। भले ही बुद्धिजीवी शब्‍द आपको अच्‍छा न लगे। लेकिन यही विवेक हमें समानता, समृद्धि और सही रास्‍ता चुनने में मदद करता है।’

सरकार ने की देरी

कमल हासन ने मोदी सरकार पर कोरोना को लेकर देर से कदम उठाने का आरोप भी लगाया। कमल हासन ने कहा, ‘8 दिसंबर को चीन में कोरोना के पहले मरीज का पता चला था। भारत में पहला मरीज 30 जनवरी को दर्ज किया गया। हमने देखा इटली में क्‍या हुआ लेकिन फिर भी कोई सबक नहीं लिया। जब हम नींद से जागे तो आपने 1.4 अरब लोगों के देश को महज 4 घंटों के अंदर बंद करने का आदेश दे दिया। जब आपके पास 4 महीने थे लेकिन लोगों को तैयारी के लिए केवल 4 घंटे दिए गए।’

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अपने लंबे खत के आखिर में कमल हासन ने लिखा है, ‘भारत की जनता ने पहले भी इससे बड़े संकटों पर विजय पाई है। हम इससे भी उबर जाएंगे लेकिन यह इस तरह किया जाए कि लोग एकजुट हों। हम नाराज हैं लेकिन फिर भी आप ही के पक्ष में हैं।’



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