Maur Mandi Blast Case: Sit Recorded Statements Of Victims – मौड़ मंडी ब्लास्टः एसआईटी ने दर्ज किए पीड़ितों के बयान, विपासना नहीं हुई पेश


संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा ( पंजाब)
Updated Thu, 16 Jan 2020 12:37 AM IST

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31 जनवरी 2017 में कांग्रेसी उम्मीदवार हरमंदर सिंह जस्सी के मौड़ चुनाव जलसे में हुए बम ब्लास्ट को भले तीन साल बीत चुके है परंतु आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बुधवार को जांच के लिए मौड़ में पीड़ितों के बयान दर्ज करने पहुंची। एसआईटी ने यहां सभी पीड़ितों के बयान दर्ज किए। 

वहीं पुलिस इस मामले में पूछताछ के लिए डेरा सच्चा सौदा की चेयपर्सन विपासना को पेश होने का नोटिस भेजा था। नोटिस के बावजूद बुधवार विपासना एसआईटी के सामने पेश नहीं हुई। लेकिन उसकी तरफ से भेजा गया प्रतिनिधि एसआईटी से मिला। प्रतिनिधि विपासना की स्टेटमेंट एसआईटी को सौंपी। एसआईटी ने इस संबंध जानकारी नहीं दी है। वहीं आईजी एके मित्तल ने बताया कि हमने विपासना को नोटिस भेजा था। उनका प्रतिनिधि आया था। उसने कुछ पेपर पेश किए हैं, वो रिकॉर्ड में ले लिए हैं। मामले की जांच की जा रही है। 

धमाके में मारे गए बच्चे रिपनदीप सिंह के रिश्तेदार मास्टर नछत्तर सिंह ने एसआईटी को बताया कि वह पहले भी बयान दर्ज करवा चुका है कि उक्त चुनाव जलसे दौरान हरमंदर सिंह जस्सी के भाई गोपाल जस्सी को उन्होंने खुद कार सवारों से हाथ मिलाते व बातचीत करते देखा था और वह कह रहा था कि मेरी गाड़ी तो आगे खड़ी है। 

उन्होंने मांग की कि बिना किसी सियासी दबाव के मामले की जांच की जाए ताकि बच्चों के कातिलों को सख्त सजाए मिल सके। इस संबंधी एडवोकेट रविंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस टीम जांच के नाम पर 15 दिनों में सिर्फ खानापूर्ति करना चाहती है, जबकि अढ़ाई महीने का समय बिना जांच किए बीता दिया। आखिर 15 दिनों में इतने बड़े मामले की सही जांच कैसे होगी? इस जांच से स्पष्ट होता है कि अभी भी पुलिस सिर्फ जांच के नाम पर दिखावा कर रही है।

31 जनवरी 2017 में कांग्रेसी उम्मीदवार हरमंदर सिंह जस्सी के मौड़ चुनाव जलसे में हुए बम ब्लास्ट को भले तीन साल बीत चुके है परंतु आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बुधवार को जांच के लिए मौड़ में पीड़ितों के बयान दर्ज करने पहुंची। एसआईटी ने यहां सभी पीड़ितों के बयान दर्ज किए। 

वहीं पुलिस इस मामले में पूछताछ के लिए डेरा सच्चा सौदा की चेयपर्सन विपासना को पेश होने का नोटिस भेजा था। नोटिस के बावजूद बुधवार विपासना एसआईटी के सामने पेश नहीं हुई। लेकिन उसकी तरफ से भेजा गया प्रतिनिधि एसआईटी से मिला। प्रतिनिधि विपासना की स्टेटमेंट एसआईटी को सौंपी। एसआईटी ने इस संबंध जानकारी नहीं दी है। वहीं आईजी एके मित्तल ने बताया कि हमने विपासना को नोटिस भेजा था। उनका प्रतिनिधि आया था। उसने कुछ पेपर पेश किए हैं, वो रिकॉर्ड में ले लिए हैं। मामले की जांच की जा रही है। 

धमाके में मारे गए बच्चे रिपनदीप सिंह के रिश्तेदार मास्टर नछत्तर सिंह ने एसआईटी को बताया कि वह पहले भी बयान दर्ज करवा चुका है कि उक्त चुनाव जलसे दौरान हरमंदर सिंह जस्सी के भाई गोपाल जस्सी को उन्होंने खुद कार सवारों से हाथ मिलाते व बातचीत करते देखा था और वह कह रहा था कि मेरी गाड़ी तो आगे खड़ी है। 

उन्होंने मांग की कि बिना किसी सियासी दबाव के मामले की जांच की जाए ताकि बच्चों के कातिलों को सख्त सजाए मिल सके। इस संबंधी एडवोकेट रविंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस टीम जांच के नाम पर 15 दिनों में सिर्फ खानापूर्ति करना चाहती है, जबकि अढ़ाई महीने का समय बिना जांच किए बीता दिया। आखिर 15 दिनों में इतने बड़े मामले की सही जांच कैसे होगी? इस जांच से स्पष्ट होता है कि अभी भी पुलिस सिर्फ जांच के नाम पर दिखावा कर रही है।





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