pslv-c48 launch: पीएसएलवी-सी48 की लॉन्चिंग आज, उल्टी गिनती शुरू, ये खूबियां – preparation for successful pslv-c48 launch going on at sriharikota satish dhawan space centre


नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

श्रीहरिकोटा में चल रही हैं तैयारियां
हाइलाइट्स

  • इसरो के पीएसएलवी-48 रॉकेट के श्रीहरिकोटा स्‍पेस स्‍टेशन से लॉन्‍च करने की उल्‍टी गिनती मंगलवार शाम शुरू हो गई
  • पीएसएलवी-48 रॉकेट अपने साथ इसरो का महत्‍वकांक्षी उपग्रह रिसैट-2बीआर1 को अपने साथ अंतरिक्ष में ले जाएगा
  • इसके अलावा नौ और सैटलाइट हैं, इनमें इजरायल, इटली, जापान का एक-एक और अमेरिका के छह उपग्रह हैं

हैदराबाद

भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो के महत्‍वाकंक्षी उपग्रह रिसैट-2बीआर1 को पीएसएलवी-48 रॉकेट के जरिए श्रीहरिकोटा स्‍पेस स्‍टेशन से लॉन्‍च करने की उल्टी गिनती मंगलवार शाम शुरू हो गई। बुधवार सुबह इसकी सेकंड स्‍टेज में ईंधन भरने की शुरुआत भी हो चुकी है। बुधवार को ही दोपहर 3:25 पर इसे लॉन्‍च किया जाना है।

9 उपग्रहों को साथ लेकर जाएगा

यह प्रक्षेपण इसरो के लिए महत्त्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है क्योंकि यह पीएसएलवी की 50वीं उड़ान होगी और श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किया जाने वाले 75वां रॉकेट होगा। कृषि, वन एवं आपदा प्रबंधन में सहायता उपलब्ध कराने के मकसद से तैयार किया गया 628 किलोग्राम भार वाला यह उपग्रह अपने साथ नौ छोटे उपग्रहों को ले जाएगा। इनमें इजरायल, इटली, जापान का एक-एक और अमेरिका के छह उपग्रह शामिल होंगे।

पढ़ें: श्रीहरिकोटा: रिसैट-2बीआर1 के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू

रिसैट-2बीआर1 मिशन की उम्र 5 साल

इसरो ने जानकारी दी कि इन उपग्रहों का प्रक्षेपण न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के साथ हुए व्यावसायिक करार के तहत किया जा रहा है। स्‍पेस एजेंसी ने बताया कि रिसैट-2बीआर1 मिशन की उम्र पांच वर्ष है। रिसैट-2बीआर1 से पहले 22 मई को रिसैट-2बी का सफल प्रक्षेपण किया गया था।

इजरायल से यह कनेक्शन

रिसैट-2बीआर1 के अलावा पीएसएलवी जिन 9 सैटलाइट को अपने साथ अंतरिक्ष में ले जा रहा है उनमें से एक इजरायल का है। इसे इजरायल के हर्जलिया साइंस सेंटर और शार हनेगेव हाईस्‍कूल के स्‍टूडेंट्स ने मिलकर बनाया है। Duchifat-3 नाम के इस सैटलाइट का वजन महज 2.3 किलो है। यह एक एजुकेशनल सैटलाइट है जिस पर लगा कैमरा अर्थ इमेजिंग के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा।

जंगलों की सेहत पर रहेगी नजर

इसके अलावा इस पर लगा एक रेडियो ट्रांसपोंडर वायु और जल प्रदूषण पर रिसर्च करने और जंगलों पर नजर रखने के काम आएगा। इसे बनाने वाले तीनों इजरायली स्‍टूडेंट भी लॉन्‍च साइट पर होंगे।



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