Punjab Budget 2020: Punjab Budget Key Points, Assembly Session,manpreet Singh Badal – Punjab Budget 2020: पंजाब का बजट आज होगा पेश, जेब खाली फिर भी हो सकती हैं बड़ी घोषणाएं



न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 28 Feb 2020 12:55 AM IST

कैप्टन अमरिंदर सिंह ।
– फोटो : अमर उजाला

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पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल शुक्रवार को विधानसभा में सुबह 10.30 बजे 2020-21 का बजट पेश करेंगे। कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार का यह बजट भी घाटे का बजट ही होगा। इसके बावजूद माना जा रहा है कि वित्त मंत्री इस बजट को 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए लोकलुभावन रूप देंगे और आम जनता पर कोई नया बोझ डालने से परहेज करेंगे।

माना जा रहा है कि वित्त मंत्री नए बजट में शिक्षा, सेहत, बिजली, पानी के आधारभूत मुद्दों पर ध्यान देते हुए कई नई योजनाओं का एलान करेंगे। वहीं, छठे वेतन आयोग की अवधि एक साल बढ़ाए जाने के कारण सरकारी कर्मचारी वर्ग में फैली मायूसी को दूर करने के लिए बकाया डीए की एक बड़ी किश्त का तोहफा दिया जा सकता है। 

साथ ही वित्त मंत्री राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में फंड बढ़ाने का एलान कर सकते हैं। वैसे, बीते दो बजट की तरह इस साल भी वित्त मंत्री के लिए बड़ी चिंता राज्य का खाली खजाना है जिसे भरने के अब तक बनाए सभी रोडमैप बेअसर साबित हुए हैं। राज्य सरकार को जीएसटी, वैट और स्थानीय करों से होने वाली आमदनी का बड़ा हिस्सा 3 लाख से अधिक कर्मचारियों के वेतन में खर्च हो जाता है। 

इसके चलते राज्य की अनेक बड़ी परियोजनाओं के अलावा स्थानीय स्तर की कई विकास योजनाएं भी थम गई हैं। हाल ही में सरकार ने सभी सरकारी विभागों के खर्च में कटौती का एलान करने के साथ-साथ नई परियोजनाओं के लिए टेंडरिंग पर भी रोक लगा दी थी। 2020-21 के बजट में भी वित्त मंत्री के लिए सबसे बड़ी चिंता पैसे की है। 

पिछले बजट में राज्य सरकार के राजस्व प्राप्ति के सभी लक्ष्य जो जीएसटी, एक्साइज, गैर कर राजस्व पर निर्धारित थे, 60 से 70 फीसदी से ज्यादा आगे नहीं बढ़ सके हैं। ऐसे में राज्य सरकार के लिए नए वित्त वर्ष में सबसे बड़ी उम्मीद केंद्रीय वित्त कमीशन द्वारा पंजाब के लिए मंजूर किए गए 5 लाख करोड़ हैं। 

इसके अलावा केंद्र की तरफ पेंडिंग रहे 4100 करोड़ रुपये के जीएसटी शेयर के लिए भी राज्य सरकार बार-बार तकादा कर रही है। प्रदेश सरकार पर 1.68 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है जिसके एवज में हर महीने उसे एक बड़ी रकम ब्याज के तौर पर चुकानी पड़ रही है। इसके बावजूद बाजार से कर्ज लेने की उसकी मौजूदा क्षमता 19,500 करोड़ रुपये में से सरकार 9500 करोड़ रुपये बाजार से उठा चुकी है। अब सरकार 10, 000 करोड़ रुपये और उधार ले सकती है।

पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल शुक्रवार को विधानसभा में सुबह 10.30 बजे 2020-21 का बजट पेश करेंगे। कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार का यह बजट भी घाटे का बजट ही होगा। इसके बावजूद माना जा रहा है कि वित्त मंत्री इस बजट को 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए लोकलुभावन रूप देंगे और आम जनता पर कोई नया बोझ डालने से परहेज करेंगे।

माना जा रहा है कि वित्त मंत्री नए बजट में शिक्षा, सेहत, बिजली, पानी के आधारभूत मुद्दों पर ध्यान देते हुए कई नई योजनाओं का एलान करेंगे। वहीं, छठे वेतन आयोग की अवधि एक साल बढ़ाए जाने के कारण सरकारी कर्मचारी वर्ग में फैली मायूसी को दूर करने के लिए बकाया डीए की एक बड़ी किश्त का तोहफा दिया जा सकता है। 

साथ ही वित्त मंत्री राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में फंड बढ़ाने का एलान कर सकते हैं। वैसे, बीते दो बजट की तरह इस साल भी वित्त मंत्री के लिए बड़ी चिंता राज्य का खाली खजाना है जिसे भरने के अब तक बनाए सभी रोडमैप बेअसर साबित हुए हैं। राज्य सरकार को जीएसटी, वैट और स्थानीय करों से होने वाली आमदनी का बड़ा हिस्सा 3 लाख से अधिक कर्मचारियों के वेतन में खर्च हो जाता है। 





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