Rbi Issues New Guidelines Over Private Bank Ceo Remuneration – आरबीआई का बैंक अधिकारियों के लिए निर्देश, खराब प्रदर्शन पर कटेगा वेतन


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जल्द ही बैंकों के अधिकारियों के वेतन में कटौती हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने इस संदर्भ में निर्देश जारी किया है, जो एक अप्रैल 2020 से लागू होगा। इसके अनुसार, अब खराब प्रदर्शन करने वाले बैक के अधिकारी मोटी सैलरी नहीं ले पाएंगे। 

इनपर लागू होगा नियम

यह नियम केवल विदेशी, निजी, लघु वित्त, भुगतान बैंक और स्थानीय क्षेत्र बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO), पूर्णकालिक निदेशकों (WTD) और मैटेरियल रिस्क टेकर्स (MRT) पर लागू होगा। अब तक अगर किसी बैंक का वित्तीय प्रदर्शन खराब भी रहता है, तो भी उसके शीर्ष अधिकारी मोटा वेतन लेते हैं। 

ये है निर्देश

निर्देश में कहा गया है कि, अगर किसी बैंक का वित्तीय प्रदर्शन खराब होता है, तो उस बैंक के शीर्ष अधिकारी को मिलने वाला वेरिएबल कंपेनसेशन शून्य हो जाएगा। बता दें कि वेरिएबल कंपेनसेशन वेतन का ही हिस्सा होता है। साथ ही आरबीआई ने कहा है कि नए निर्देशों का पालन करना 1 अप्रैल 2020 से अनिवार्य है।

आरबीआई के अनुसार, यदि वैरिएबल पे फिक्स्ड पे के 200 फीसदी तक है, तो इसका कम से कम 50 फीसदी नॉन-कैश में होना चाहिए। लेकिन अगर वैरिएबल पे फिक्स्ड पे के 200 फीसदी से ज्यादा है, तो 67 फीसदी का भुगतान नॉन-कैश के माध्यम से किया जाना चाहिए। साथ ही कुल वैरिएबल पे फिक्स्ड पे के 300 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता। 

इसलिए लिया गया फैसला

बीते कुछ समय से कुछ बैंकों का प्रदर्शन ज्यादा अच्छा नहीं रहा है। खराब प्रदर्शन के चलते ना सिर्फ सरकार को, बल्कि जनता को भी कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। केंद्रीय बैंक के नए नियम से बैंकों के प्रदरशन में सुधार की उम्मीद है। 

जल्द ही बैंकों के अधिकारियों के वेतन में कटौती हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने इस संदर्भ में निर्देश जारी किया है, जो एक अप्रैल 2020 से लागू होगा। इसके अनुसार, अब खराब प्रदर्शन करने वाले बैक के अधिकारी मोटी सैलरी नहीं ले पाएंगे। 

इनपर लागू होगा नियम

यह नियम केवल विदेशी, निजी, लघु वित्त, भुगतान बैंक और स्थानीय क्षेत्र बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO), पूर्णकालिक निदेशकों (WTD) और मैटेरियल रिस्क टेकर्स (MRT) पर लागू होगा। अब तक अगर किसी बैंक का वित्तीय प्रदर्शन खराब भी रहता है, तो भी उसके शीर्ष अधिकारी मोटा वेतन लेते हैं। 

ये है निर्देश

निर्देश में कहा गया है कि, अगर किसी बैंक का वित्तीय प्रदर्शन खराब होता है, तो उस बैंक के शीर्ष अधिकारी को मिलने वाला वेरिएबल कंपेनसेशन शून्य हो जाएगा। बता दें कि वेरिएबल कंपेनसेशन वेतन का ही हिस्सा होता है। साथ ही आरबीआई ने कहा है कि नए निर्देशों का पालन करना 1 अप्रैल 2020 से अनिवार्य है।

आरबीआई के अनुसार, यदि वैरिएबल पे फिक्स्ड पे के 200 फीसदी तक है, तो इसका कम से कम 50 फीसदी नॉन-कैश में होना चाहिए। लेकिन अगर वैरिएबल पे फिक्स्ड पे के 200 फीसदी से ज्यादा है, तो 67 फीसदी का भुगतान नॉन-कैश के माध्यम से किया जाना चाहिए। साथ ही कुल वैरिएबल पे फिक्स्ड पे के 300 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता। 

इसलिए लिया गया फैसला

बीते कुछ समय से कुछ बैंकों का प्रदर्शन ज्यादा अच्छा नहीं रहा है। खराब प्रदर्शन के चलते ना सिर्फ सरकार को, बल्कि जनता को भी कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। केंद्रीय बैंक के नए नियम से बैंकों के प्रदरशन में सुधार की उम्मीद है। 





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