Reserve Bank Of India Says There Is Increased Digital Payments Manifold In Last Five Years – पिछले पांच सालों में 55.1 फीसदी बढ़ा डिजिटल भुगतान: Rbi



बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Mon, 12 Oct 2020 11:57 AM IST

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अर्थव्यवस्था में नकद की जगह दूसरे माध्यमों से लेनदेन को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर दिखने लगा है और पिछले पांच वर्षों के दौरान देश में डिजिटल भुगतान कई गुना बढ़ा है। केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2015-16 से 2019-20 के बीच डिजिटल भुगतान 55.1 फीसदी वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़ा है। 

मार्च 2020 तक 3,434.56 करोड़ हुई डिजिटल भुगतान की मात्रा

इस दौरान डिजिटल भुगतान की मात्रा मार्च 2016 में 593.61 करोड़ से बढ़कर मार्च 2020 तक 3,434.56 करोड़ हो गई। इस दौरान लेनदेन का मूल्य 15.2 फीसदी की वार्षिक चक्रवृद्धि दर के साथ 920.38 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1,623.05 लाख करोड़ रुपये हो गया है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार 2016-17 में डिजिटल भुगतान इससे पिछले वर्ष की तुलना में 593.61 करोड़ से बढ़कर 969.12 करोड़ हो गया, जबकि इस लेनदेन का मूल्य बढ़कर 1,120.99 लाख करोड़ रुपये हो गया। 

लॉकडाउन में तेजी से बढ़ा डिजिटल लेनदेन

इसी तरह साल दर साल इन आंकड़ों में इजाफा होता रहा। हालांकि, वित्त वर्ष 2019-20 में इसमें भारी उछाल देखने को मिला, जब लेनदेन की संख्या जबरदस्त तेजी के साथ बढ़कर 3,434.56 हो गई, हालांकि इस दौरान कुल मूल्य में कुछ कमी आई। मूल्य के हिसाब से यह 623.05 लाख करोड़ रुपये का रहा। कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के मद्देनजर डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ा है।

दिसंबर से 24 घंटे मिलेगी RTGS की सुविधा

मालूम हो कि कोरोना काल में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ग्राहकों को डिजिटल लेनदेन के लिए प्रेरित करता आया है। इसके मद्देनजर पिछले सप्ताह आरबीआई ने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक और बड़ी घोषणा की थी। आरबीआई ने रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सिस्टम को दिसंबर 2020 से 24 घंटे सातों दिन चालू रखने का ऐलान किया है। यानी दिसंबर से आपको बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक के खुलने और बंद होने का इंतजार नहीं करना होगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अर्थव्यवस्था में नकद की जगह दूसरे माध्यमों से लेनदेन को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर दिखने लगा है और पिछले पांच वर्षों के दौरान देश में डिजिटल भुगतान कई गुना बढ़ा है। केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2015-16 से 2019-20 के बीच डिजिटल भुगतान 55.1 फीसदी वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़ा है। 

मार्च 2020 तक 3,434.56 करोड़ हुई डिजिटल भुगतान की मात्रा

इस दौरान डिजिटल भुगतान की मात्रा मार्च 2016 में 593.61 करोड़ से बढ़कर मार्च 2020 तक 3,434.56 करोड़ हो गई। इस दौरान लेनदेन का मूल्य 15.2 फीसदी की वार्षिक चक्रवृद्धि दर के साथ 920.38 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1,623.05 लाख करोड़ रुपये हो गया है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार 2016-17 में डिजिटल भुगतान इससे पिछले वर्ष की तुलना में 593.61 करोड़ से बढ़कर 969.12 करोड़ हो गया, जबकि इस लेनदेन का मूल्य बढ़कर 1,120.99 लाख करोड़ रुपये हो गया। 

लॉकडाउन में तेजी से बढ़ा डिजिटल लेनदेन
इसी तरह साल दर साल इन आंकड़ों में इजाफा होता रहा। हालांकि, वित्त वर्ष 2019-20 में इसमें भारी उछाल देखने को मिला, जब लेनदेन की संख्या जबरदस्त तेजी के साथ बढ़कर 3,434.56 हो गई, हालांकि इस दौरान कुल मूल्य में कुछ कमी आई। मूल्य के हिसाब से यह 623.05 लाख करोड़ रुपये का रहा। कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के मद्देनजर डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ा है।

दिसंबर से 24 घंटे मिलेगी RTGS की सुविधा

मालूम हो कि कोरोना काल में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ग्राहकों को डिजिटल लेनदेन के लिए प्रेरित करता आया है। इसके मद्देनजर पिछले सप्ताह आरबीआई ने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक और बड़ी घोषणा की थी। आरबीआई ने रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सिस्टम को दिसंबर 2020 से 24 घंटे सातों दिन चालू रखने का ऐलान किया है। यानी दिसंबर से आपको बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक के खुलने और बंद होने का इंतजार नहीं करना होगा।



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