RNI NEWS :- गैरउपयोगी वस्तुओं को जोड़कर नई-नई कलाकृतियों को जन्म देना इनका जुनून है

RNI NEWS :- गैरउपयोगी वस्तुओं को जोड़कर नई-नई कलाकृतियों को जन्म देना इनका जुनून है

जालंधर :- जसकीरत राजा

जिसे कबाड़ समझ कर कचरे में फेंक दिया जाता है उसमें कल्पनाओं के रंग भर कर ओमकार सिंह और डीपी तिवारी जानदार बना देते हैं वेस्ट से बेस्ट बनाने के इस हुनर ने उन्हें भोपाल में अलग पहचान दिला दी है हालांकि दोनों का बैकग्राउंड आर्ट से जुड़ा हुआ नहीं है बावजूद इसके वे वेस्ट मटेरियल से खूबसूरत कला – कृतियां बनाने के साथ ही काम को आसान बनाने वाली मशीने इजात कर रहे हैं सैकड़ों मिनिएचर दर्जनों सम्मान डीपी तिवारी के घर के शो केस युद्ध के उपकरणों से लेकर कई वाहन,रॉक बैंड आदि के प्रतिरूप से अटे पड़े हैं इनकी किसी कलाकृति में पेंट या अन्य किसी प्रकार के रंग,सजावट आदि का उपयोग नहीं किया गया है । सिर्फ गैरउपयोगी वस्तुओं को आकार देकर और जोड़कर नई-नई कलाकृतियों को जन्म देना इनका जुनून है तिवारी को अपने इस हुनर के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं वे शहर एवं बाहर इनकी प्रदर्शनी भी लगा चुके हैं ।एयरक्राफ्ट कैरियर जहाज सैन्य शक्ति की जब बात होती है , तो एयरक्राफ्ट कैरियर जहाज को सबसे बड़ी जंगी ताकतों में एक माना जाता है । तिवारी ने प्रिटर के उपकरण एवं अन्य खराब कलपुर्जी को जोड़कर एयरक्राफ्ट कैरियर जहाज की प्रतिकृति तैयार की है । हजारों गुना छोटी प्रतिकृति में उसी के अनुपात में रडार लगी है , तो हैलिकॉप्टर एवं फाइटर प्लेन भी । तैनात किए हैं । इसी तरह चैन से बनाया टैंक का मॉडल भी हूबहू युद्धटैक की तरह बन पड़ा है । मामूली को बना दिया खास पेशे से ठेकेदार ओमकार सिंह का दिमाग किसी इंजीनियर और इलेक्ट्रिशियन से कम नहीं है । उपकरणों में दिमाग उलझाकर आम आदमी की जरूरत का कुछ नया गैजेट बना देना इनकी काबिलियत है । इन्होंने पिछले 10 वर्ष में बिजनेस – जमाने के साथ साथ एक दर्जन छोटे – बड़े आविष्कार भी कर डाले है । देखने में मामूली उपकरणों के जोडतोड से बने आविष्कारों में से कई बेहद उपयोगी साबित हो सकते है ।इलेक्ट्रिसिटी एंड वॉटर सेवर इस उपकरण के माध्यम से कूलर के वॉटर पंप में लगने वाली बिजली की खपत को आधा किया जा सकता है । उपकरण एक सेल्फ प्रोग्राम्ड टाइमर है , जो उपभोक्ता की जरूरत के अनुसार पंप को बंद और चालू करता रहता है । इस टाइमर की मदद से कूलर में नियंत्रित मात्रा में पानी पहुंचता है , साथ ही पावर सेविंग भी होती है । ट्रेनों के लिए ऑटो कमोड स्टेशनों के प्लेटफार्म पर फैलने वाली गंदगी और इससे होने वाली समस्याएं रेलवे के लिए बड़ा सिरदर्द साबित होती हैं । प्लेटफार्म की पटरियों की सफाई पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं , लेकिन समस्या खत्म नहीं हो रही । ओमकार सिंह का दावा है कि उनके एक आविष्कार से रेलवे को इस समस्या से निजात मिल सकती है । सिंह ने रेलवे बोगियों के लिए ऑटोमेटिक कमोड बनाया है जो ट्रेन के प्लेटफार्म पर लगते समय अपने आप बंद हो जाएगा और चलने पर गति पकड़ते समय अपने आप खुल जाएगा । इस एयर प्रेशर वॉल्व की लागत मात्र कुछ सौ रुपए आएगी , लेकिन रेलवे यदि इसका उपयोग करता है तो बड़ी समस्या का हल होने की उम्मीद है ।

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