RNI NEWS-जिला रैडक्रॉस सोसाईटी द्रारा दिव्यांग बच्चों को 12 व्हीलचेयर,8 को ट्राई साईकिल वितरित


RNI NEWS-जिला रैडक्रॉस सोसाईटी द्रारा दिव्यांग बच्चों को 12 व्हीलचेयर,8 को ट्राई साईकिल वितरित

करनाल 12 फरवरी सुखविंदर सोहल

जिला रैड क्रॉस सोसाईटी कार्यालय में शुक्रवार का दिन जरूरतमंदो की मदद को लेकर खास रहा। इस मौके पर उपायुक्त एवं सोसाईटी के अध्यक्ष निशांत कुमार यादव ने राजकीय स्कूलो में पढऩे वाले 12 दिव्यांग बच्चों को व्ह्ील चेयर व 8 को तिपहिया साईकलें वितरित की। पांच लोगों को कृत्रिम अंग भी वितरित किए गए, जो रैड क्रॉस सोसाईटी द्वारा संचालित जिला दिव्यांग कल्याण केन्द्र में तैयार किए गए थे।
उपायुक्त की ओर से जरूरतमंद बच्चों के साथ- क्या नाम है, कौन सी क्लास में पढ़ते हो, खूब पढ़ा करो, जैसे संवाद भरे शब्दों से, व्ह््ील चेयर व ट्राई साईकिल प्राप्त किए बच्चो में एक उम्मीद व आत्म विश्वास की मुस्कान दिखाई दी, मानो कह रहे हों, हम होंगे कामयाब एक दिन। सभी दिव्यांग अपने अभिभावकों के साथ आए थे, कुछेक के साथ स्कूल के अध्यापक थे, अधिकतर टांगो से ही दिव्यांग थे। उपायुक्त ने सबके भविष्य के लिए शुभकामनाएं की और इस नेक कार्य के लिए जिला रैड क्रॉस सोसाईटी के सचिव व उनकी टीम और सर्व शिक्षा अभियान की सराहना कर बधाई दी।
उपायुक्त ने कहा कि इस तरह की मदद से बच्चों व जरूरतमंदो में आत्मविश्वास की भावना प्रबल होती है, आखिर दिव्यांग भी हमारे समाज का एक अभिन्न अंग हैं। वह भी सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन में आगे बढ़ सकते हैं, बशर्ते उनकी जरूरत अनुसार मदद की जाए। इसी मकसद को लेकर देश में रैडक्रॉस सोसाईटी का गठन हुआ था, जो आज अपने 101 वर्ष पूरे करने जा रही है और इस अवधि में लाखो जरूरतमंदो की मदद रैडक्रॉस सोसाईटी की ओर से की गई है। उन्होंने बताया कि जिला के सभी सरकारी स्कूलो में इस तरह के जितने भी जरूरतमंद दिव्यांग हैं, कोशिश करेंगे सबको व्ह््ील चेयर, ट्राई साईकिल और कृत्रिम अंग बांटे जाएं। उन्होंने बताया कि जिला दिव्यांग केन्द्र, जिसकी वर्ष 1988 में स्थापना हुई थी, के माध्यम से आज तक 18 हजार 200 जरूरतमंदो को कृत्रिम अंग वितरित किए जा चुके हैं। कोई भी दिव्यांग व्यक्ति, चाहे दूसरे जिले का भी हो, रैडक्रॉस सोसाईटी के कार्यालय में कृत्रिम अंग को प्राप्त करने के लिए आवेदन दे सकता है। यह सेवा सभी के लिए नि:शुल्क है।
कैहरवाली गांव के महावीर सर्जिकल शूज़ लेकर खुशे से फूले नहीं समा रहे थे। उन्होंने कहा कि अब मुझे चलने-फिरने में दिक्कत नहीं आएगी। इसी प्रकार रिंडल गांव के रविन्द्र, जो अपनी पत्नी के साथ आए थे, उसे भी चलने-फिरने के लिए सर्जिकल शूज़ दिए गए। अपने पिता की गोदी में बैठे चौरा खालसा के रियांश को भी सर्जिकल जूते दिए गए। दो अन्य जरूरमंदो को भी कृत्रिम अंग दिए गए थे। चलने-फिरने का सहारा पाकर सभी खुश थे।
नगराधीश अभय सिंह जांगड़ा, जिला रैडक्रॉस सोसाईटी के सचिव डॉ. कुलबीर मलिक, जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक, डिप्टी डीईओ चंद्रेश विज तथा जिला दिव्यांग कल्याण केन्द्र के बायोमैडिकल इंजीनियर अजय भाटिया भी इस मौके पर मौजूद रहे।

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