RNI NEWS-भावान्तर भरपाई योजना में 19 बागवानी फसलें शामिल-उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार


RNI NEWS-भावान्तर भरपाई योजना में 19 बागवानी फसलें शामिल-उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार

रोहतक 26 दिसंबर सुखविंदर सोहल : उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा किराज्य सरकार द्वारा किसानों की बागवानी क्षेत्र में आय दोगुनी करने के लिए बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है उन्होंने कहा कि संरक्षित खेती,हाईब्रीड सब्जियों की खेती,फूलों एवं फलों की खेती,कोल्ड स्टोरेज, मधुमक्खी पालन इत्यादि के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को अनुदान दिया जाता है कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि वे समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करके गांव स्तर पर किसानों को बागवानी अपनाने के लिए प्रेरित करें ताकि किसान सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर बागवानी के क्षेत्र में मुनाफा प्राप्त कर सकें उन्होंने कहा कि बागवानी का मुख्य ऊदेेेशय प्रति एकड़ उत्पाद बढ़ाने के साथ-साथ प्रति एकड़ आय बढ़ाना भी हैं उपायुक्त ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र में विविधिकरण, उत्पादकता और उत्पादन को बढ़ाना, किसानों की आय में बढ़ौतरी हो, प्रदर्शन के माध्यम से नई प्रौद्योगिकी को बढ़ाना, फल/ सब्जियों की तुढ़ाई उपरांत उचित रख-रखाव कर उनमें होने वाले नुकसान को कम करना, किसान समूहों और सामूहिक विपणन मार्किटिंग का बढ़ाना तथा रोजगार के नये अवसर पैदा करना है।कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि मॉडल नर्सरी स्थापना के लिए 4 हैक्टेयर तक 10 लाख रुपये तथा स्मॉल नर्सरी स्थापित करने के लिए 7.5 लाख रुपये तक प्रति इकाई अनुदान दिया जाता है। विभाग द्वारा 4 हैक्टेयर तक किन्नू, अमरुद, बेर का नया बाग स्थापित करने व रख रखाव के लिए भी प्रथम व द्वितीय वर्ष अनुदान दिया जाता है। 2 हैक्टेयर क्षेत्र में सकर सब्जी या पुराने बागों के जीर्णाेद्धार के लिए विभाग द्वारा 20 हजार से 40 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा बागवानी विभाग द्वारा जल स्त्रोत सामुदायिक टैंक (किसी चार किसान समूह), संरक्षित खेती, हाई वैल्यू सब्जी, नीम खाद,नीम तेल, मधुमक्खी पालन,बागवानी मशीनरी आदि के लिए अनुदान दिया जाता है कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि सरकार ने भावान्तर भरपाई योजना में 19 फसलों को शामिल किया है। टमाटर, प्याज, आलू व फूल गोभी की फसल के अलावा किन्नू, अमरूद, गाजर, मटर, शिमला मिर्च, बैंगन, भिंडी, हरी मिर्च, लौकी, करेला, बंद गोभी, मूली, अदरक, हल्दी व आम को भी भावान्तर भरपाई योजना में शामिल किया गया 

अब हरियाणा के 5080 गांव हुए पूरी तरह जगमग
-सुशासन दिवस के दिन और 202 गांव म्हारा गांव, जगमग गांव योजना से जोड़ दिए गए
– इससे प्रदेश के 72 प्रतिशत गांवों और 10 संपूर्ण जिलों में 24 घंटे बिजली
– 1 जुलाई 2015 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिला कुरूक्षेत्र के दयालपुर गांव से म्हारा गांव, जगमग गांव योजना शुरू की थी

सीएम मनोहर लाल का विजन कि शहर की तरह गांव भी हों जगमग,उसके चलते शुरू की गई थी यह महत्वपूर्ण योजना

RNI NEWS-अब शेष बचे 1965 गांवों में अगले 16 महीने में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य

रोहतक 26 दिसम्बर : पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजयेपी की जयंती जिसको सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है उस दिन हरियाणा के और 202 गांवों को म्हारा गांव,जगमग गांव योजना से जोड़ दिया गया है जहां पहले प्रदेश के 4878 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध थी लेकिन अब प्रदेश के 1261 ग्रामीण फीडरों पर पडऩे वाले 5080 गांव म्हारा गांव, जगमग गांव योजना से जुड़ कर पूरी तरह जगमग हो चुके हैं यानी इससे प्रदेश के 72 प्रतिशत गांवों और 10 संपूर्ण जिलों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध है बिजली निगमों के प्रवक्ता ने बताया कि 25 दिसंबर से जो नए और 202 गांव इस योजना से जोड़े गए हैं उन में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के अंतर्गत आने वाले सोनीपत सर्कल के 14 गांव, पानीपत के 18, रोहतक के 09,झज्जर के 20 और कैथल के 16 तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम सर्कल के 19,नारनौल के 95 और हिसार के 11 गांव शामिल हैं इससे प्रदेश के 10 जिले जिनमें पचंकूला, अंबाला,कुरुक्षेत्र,यमुनानगर,करनाल,गुरुग्राम, फरीदाबाद,सिरसा,रेवाड़ी और फतेहाबाद शामिल हैं जहां 24 घंटे बिजली उपलब्ध हैं उल्लेखनीय है कि एक जुलाई 2015 को कुरूक्षेत्र जिले के दयाल पुर गांव से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने म्हारा गांव, जगमग गांव योजना की शुरूआत की थी इस योजना के तहत गांवों में सभी पुरानी बिजली की तारों की जगह नई एरियल बंच केबल लगाई जाती है पुराने व खराब मीटरों को बदला जाता है ग्रामीणों से बकाया बिजली बिलों का भुगतान करने का विनम्र आग्रह किया जाता है उसके बाद ग्रामीण फीडरों का जैसे ही लाइन लॉस कम होता है तो उसे तुरंत म्हारा गांव,जगमग गांव योजना में शामिल कर गांव में बिजली का नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर ग्रामीणों के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली की सप्लाई शुरू कर दी जाती है यह सीएम मनोहर लाल का विजन है कि कि शहर की तरह गांव भी जगमग हों उसके चलते यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई थी जिसके बेहद सकारात्मक एवं उत्सावृद्धक परिणाम आए हैं

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