Sukhbir Badal Said, Antisocial Elements Want To Failed Protests Of Farmers – सुखबीर बादल बोले- किसान आंदोलन को विफल करना चाहते हैं असामाजिक तत्व



न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

Updated Wed, 14 Oct 2020 12:55 AM IST

सुखबीर सिंह बादल। (फाइल फोटो)
– फोटो : ANI

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा पर हुए हमले की शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने निंदा की है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कुछ असामाजिक तत्व किसानों के आंदोलन को विफल करने के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए पंजाब सरकार ऐसे तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करे।

सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व किसानों को बदनाम करने के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जिन पर कार्रवाई होनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें स्पष्ट रूप से पता है कि किसान ऐसी किसी भी कार्रवाई में लिप्त नहीं हो सकते और उन पर दोष लगाने के किसी भी प्रयास का हम विरोध करेंगे। उन्होंने हर कीमत पर शांति और सांप्रदायिक सौहार्द का पालन करने की अपील करते हुए केंद्र सरकार से कहा है कि वह राज्य में आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत करे, ताकि उनकी शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान किया जा सके।

विशेष सत्र बुलाने में पंजाब सरकार कर रही देरी: शिअद 

शिअद के विधायक विंग ने विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह से कहा है कि वे पूरे राज्य को मंडी यार्ड बनाने का कानून पास करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं। साथ ही 2017 के संशोधित एपीएमसी अधिनियम (कृषि उत्पाद विपणन समिति अधिनियम) को रद्द और तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को पंजाब में लागू न करना सुनिश्चित किया जाए। 

शिअद विधायकों ने कहा कि विशेष सत्र बुलाने में पंजाब सरकार देरी कर रही है। विधायक दल के नेता शरनजीत सिंह ढिल्लो के नेतृत्व में अकाली दल की विधायक विंग के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि नए कृषि कानून संघीय ढांचे पर हमला है और विधानसभा को राज्य की शक्तियों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बांध की तरह काम करना चाहिए। अकाली दल विधायकों ने स्पीकर से मुलाकात कर कहा कि हम चुपचाप नहीं रह सकते, क्योंकि राज्य की शक्तियां तेजी से कमजोर हो रही हैं। अन्नदाता को पूरी तरह बर्बाद होने से बचाने का अभी भी समय है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा पर हुए हमले की शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने निंदा की है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कुछ असामाजिक तत्व किसानों के आंदोलन को विफल करने के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए पंजाब सरकार ऐसे तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करे।

सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व किसानों को बदनाम करने के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जिन पर कार्रवाई होनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें स्पष्ट रूप से पता है कि किसान ऐसी किसी भी कार्रवाई में लिप्त नहीं हो सकते और उन पर दोष लगाने के किसी भी प्रयास का हम विरोध करेंगे। उन्होंने हर कीमत पर शांति और सांप्रदायिक सौहार्द का पालन करने की अपील करते हुए केंद्र सरकार से कहा है कि वह राज्य में आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत करे, ताकि उनकी शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान किया जा सके।

विशेष सत्र बुलाने में पंजाब सरकार कर रही देरी: शिअद 

शिअद के विधायक विंग ने विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह से कहा है कि वे पूरे राज्य को मंडी यार्ड बनाने का कानून पास करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं। साथ ही 2017 के संशोधित एपीएमसी अधिनियम (कृषि उत्पाद विपणन समिति अधिनियम) को रद्द और तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को पंजाब में लागू न करना सुनिश्चित किया जाए। 

शिअद विधायकों ने कहा कि विशेष सत्र बुलाने में पंजाब सरकार देरी कर रही है। विधायक दल के नेता शरनजीत सिंह ढिल्लो के नेतृत्व में अकाली दल की विधायक विंग के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि नए कृषि कानून संघीय ढांचे पर हमला है और विधानसभा को राज्य की शक्तियों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बांध की तरह काम करना चाहिए। अकाली दल विधायकों ने स्पीकर से मुलाकात कर कहा कि हम चुपचाप नहीं रह सकते, क्योंकि राज्य की शक्तियां तेजी से कमजोर हो रही हैं। अन्नदाता को पूरी तरह बर्बाद होने से बचाने का अभी भी समय है।



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