suspends toll collection across india: कोरोना वायरस: राष्ट्रीय राजमार्गों पर फिलहाल नहीं लिया जाएगा टोल, नितिन गडकरी का ऐलान – due to covi 19 temporarily suspend the collection of toll at all toll plazas across india nitin gadkari announced



Published By Nityanand Pathak | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

हाइलाइट्स

  • देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने खास ऐलान किया
  • उन्होंने कहा- आपात सेवाओं को आसान करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल नहीं लिया जाएगा
  • मंत्री ने कहा कि सड़कों का प्रबंधन और टोल प्लाजा पर आपात संसाधन की मौजूदगी पहले की तरह ही रहेगी
  • इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने एनएचएआई को सलाह दी थी कि वह देशव्यापी बंद के संबंध में गृह मंत्रालय के आदेश का पालन करें

नई दिल्ली

देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार कहा कि आपात सेवाओं का काम आसान करने के लिए देश में अस्थायी तौर पर राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल नहीं लिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने अपनी घोषणा में कहा, ‘कोविड-19 को देखते हुए आदेश दिया जाता है कि देश के सभी टोल प्लाजा पर टोल लेने का काम बंद किया जाए।’ उन्होंने कहा कि इससे आपात सेवाओं के काम में लगे लोगों को जरूरी समय बचाने में मदद मिलेगी।

होगा फायदा

इसके अलावा गडकरी ने अपने ट्वीट में लिखा- सड़कों के रखरखाव और टोल प्लाजा पर आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता हमेशा की तरह जारी रहेगी। दरअसल, देश में 21 दिनों का लॉकडाउन 14 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान हाइवे और प्रदेशें की सीमाएं सील कर दी गई हैं। केवल आपातकालीन वाहनों को ही आने-जाने की अनुमति है।केवल जरूरी वस्तुओं की सप्लाई करने वाले ट्रक, अनिवार्य सेवाओं से संबंधित सरकारी वाहन और एंबुलेंस ही आ-जा रही हैं। यही नहीं पुलिस इक्का-दुक्का प्राइवेट कारों को ही वाजिब कारण बताने पर हाईवे पर जाने की अनुमति दे रही है। ऐसे में टोल नहीं लेने से आपात काल सेवाओं में लगे लोगों को फायदा होगा और वे कम समय में बिना कहीं रुके सुचारू रूप से सेवा दे पाएंगे।

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14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉकडाउन

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी के संबोधन के दौरान देशव्यापी लॉकडाउन घोषित किया था, जो 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान सभी लोगों को सभी सुविधाएं भी मिलेंगी। एक सप्ताह के भीतर राष्ट्र के नाम अपने दूसरे संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा था, ‘हमें कोरोना वायरस के फैसले की सीरीज को तोड़ना है। आज के फैसले के तहत तीन सप्ताह के देशव्यापी लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है और आपको समझना है कि आपका घर से निकलने वाला एक कदम कोरोना को घर में ला सकता है।’

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मिलेंगी पूरी सुविधाएं

मोदी ने कहा था, ‘मेरे देशवासियों, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आवश्यक वस्तुएं, दवाएं आदि उपलब्ध होंगे। केंद्र और विभिन्न राज्य सरकार करीबी समन्वय से इस दिशा में काम कर रही है।’ लोगों से सरकार के निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए मोदी ने कहा था, ‘जान है तो जहान है।’ दूसरी ओर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि मध्य रात्रि से शुरू हो रहे 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की कोई किल्लत नहीं होगी। कई ट्वीट कर उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भयभीत नहीं हों क्योंकि पूरा देश कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में एकजुट है।

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भारत में कैसे हैं हालात?

देशभर में कोरोना वायरस से इन्‍फेक्‍टेड लोगों की संख्या बुधवार को 606 हो गई। हालात की समीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन की अध्यक्षता में मंत्री समूह की मीटिंग हुई। इसके बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 553 मरीजों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

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