trump’s poor knowledge of geography: भारत-चीन सीमा पर ट्रंप के खराब ज्ञान की वजह से चौंक गए थे पीएम मोदी: किताब – when pm modi astonished on trump ingorance about india sharing border with china claims book


Published By Chandra Pandey | भाषा | Updated:

हाइलाइट्स

  • इतिहास और भूगोल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की जानकारी पर एक नई किताब में सनसनीखेज दावे
  • किताब में दावा- ट्रंप को नहीं पता कि भारत और चीन की सीमा लगती है, उनके खराब ज्ञान पर हैरान रह गए थे पीएम मोदी
  • फिलिप रुकर और कैरोल डी लियोनिंग की 417 पन्नों की किताब ‘अ वेरी स्टेबल जीनियस’ में दावा, टिप्पणियों का वर्ष नहीं बताया

वॉशिंगटन

खुद को सार्वजनिक तौर पर ‘जीनियस’ बताने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की इतिहास और भूगोल के बारे में जानकारी का अंदाजा इसी से लग सकता है कि उन्हें यह तक नहीं पता कि भारत की सीमा चीन से लगती है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि एक नई किताब में यह दावा किया गया है। पुलित्जर पुरस्कार जीत चुके अमेरिका के 2 पत्रकारों ने अपनी किताब में दावा किया है कि इतिहास और भूगोल पर ट्रंप के ‘अज्ञान’ से भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हैरान रह गए थे।

‘अ वेरी स्टेबल जीनियस’ किताब में दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक दफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने यह कहकर उन्हें हैरान कर दिया था कि भारत और चीन के बीच कोई सीमा नहीं है। इससे ट्रंप के ‘खराब’ भौगोलिक ज्ञान का पता चला। इस तरह के अनेक किस्से पुलित्जर पुरस्कार जीत चुके दो अमेरिकी पत्रकारों की नई किताब में किए गए हैं। वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार को खबर प्रकाशित की कि फिलिप रुकर और कैरोल डी लियोनिंग की 417 पन्नों की किताब ‘अ वेरी स्टेबल जीनियस’ में राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के पहले तीन साल की ऐसी अनेक घटनाएं अंकित हैं।

पुलित्जर जीतने वाले 2 अमेरिकी पत्रकारों ने लिखी है किताब

कारोबार से राजनीति में आए ट्रंप ने 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीता और 20 जनवरी, 2017 को उन्होंने पद संभाला। हालांकि, वॉशिंगटन पोस्ट में वह साल नहीं बताया गया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ये टिप्पणियां कीं। दोनों पत्रकार उस टीम में शामिल थे जिसने ट्रंप और रूस पर अपनी रिपोर्टिंग के लिए 2018 का पुलित्जर पुरस्कार जीता था।

‘ट्रंप के ‘ज्ञान’ पर मोदी की आंखें आश्चर्य से फैल गईं’

दोनों पत्रकारों का दावा है कि भारत-चीन को लेकर ट्रंप के भौगोलिक ज्ञान का संकेत पा कर मोदी की आंखें आश्चर्य से फैल गईं और उनके हाव-भाव से उनकी हैरानी साफ जाहिर हुई। भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सीमा विवाद अनसुलझा है। मोदी और ट्रंप के बीच हालांकि अच्छी घनिष्ठता है। साल 2019 में दोनों नेताओं की 4 बार मुलाकात हुई। इनमें ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी!’ कार्यक्रम शामिल है जिसमें दोनों नेता साथ मौजूद थे। सितंबर 2019 में अपने अमेरिका दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को परिवार के साथ भारत आने का न्योता दिया था।



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